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IBM सीईओ की कर्मचारियों को चेतावनी, वर्क फ्रॉम होम से मन नहीं हटाया तो करियर में भुगतना पड़ेगा नुकसान

IBM के सीईओ के मुताबिक वह अभी किसी कर्मचारी को ऑफिस में आने के लिए मजबूर नहीं कर रहे हैं। उनके अनुसार रिमोट वर्क के कई नुकसान हैं।

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रिमोट वर्क के कई हैं नुकसान

Photo : BCCL
KEY HIGHLIGHTS
  • आईबीएम की सीईओ ने बताए रिमोट वर्क के नुकसान
  • रिमोट कर्मचारी नहीं सीख पाते कई चीजें
  • करियर में होता है नुकसान

IBM CEO Arvind Krishna : इंटरनेशनल बिजनेस मशीन कॉर्प या आईबीएम (IBM) के सीईओ अरविंद कृष्णा (Arvind Krishna) ने कंपनी के 260,000 कर्मचारियों को काम करने के तरीके पर एक खास मैसेज दिया है। कृष्णा ने कर्मचारियों से कहा है कि रिमोट वर्क (Remote Work) करना आपके करियर के लिए खतरनाक हो सकता है। रिमोट वर्क यानी ऑफिस न आकर घर या कहीं और से काम करने को कहते हैं।

वैसे खुद आईबीएम (IBM) के हाइब्रिड-क्लाउड कंप्यूटिंग बिजनेस को रिमोट वर्क कल्चर (Remote Work Culture) बढ़ने से काफी फायदा हुआ है।

नहीं कर पाएंगे तरक्की

कृष्णा (Arvind Krishna) के मुताबिक वह अभी किसी कर्मचारी को ऑफिस में आने के लिए मजबूर नहीं कर रहे हैं, सिवाय उनके जो प्रमोशन के लिए कड़ी मेहनत नहीं करेंगे और वो भी खासकर मैनेजेरियल रोल्स में। ईटी की रिपोर्ट में कृष्णा के इंटरव्यू के हवाले से कहा गया है कि अगर आप दूर से काम करें तो आपका मैनेजर बनना मुश्किल होता है। आपका कर्मचारियों से बीच-बीच में मिलना जरूरी है।

ऑफिस से काम करने वाले आगे

ईटी की रिपोर्ट में इकोनॉमिस्ट के घर से काम करने के ट्रेंड को ट्रैक करने वाले डेटा के मुताबिक कहा गया है कि ऑफिस बेस्ड स्टाफ अपने रिमोट वर्क करेन वाले साथियों की तुलना में कैरियर-डेवलपमेंट एक्टिविटीज में 25% अधिक समय बिताते हैं। कृष्णा को लगता है कि जब हम व्यक्तिगत रूप से एक साथ होते हैं तो हम बेहतर काम करते हैं।

किन लोगों के लिए बेहतर है रिमोट वर्क

आईबीएम के लगभग 80 फीसदी कर्मचारी कम से कम कुछ समय घर से काम करते हैं। कृष्णा का मानना है कि कस्टमर सर्विस या सॉफ्टवेयर प्रोग्रामर जैसे स्पेसिफिक "इंडिविजुअल कॉन्ट्रिब्यूटर" रोल्स के लिए रिमोट वर्क बेस्ट है।

उनका मानना है कि शॉर्ट टर्म में आप शायद समान रूप से प्रोडक्टिव हो सकते हैं, लेकिन आपके करियर को नुकसान होता है।

जानिए कृष्णा की बाकी बड़ी बातें

कृष्णा के मुताबिक रिमोट कर्मचारी एक मुश्किल क्लाइंट के साथ व्यवहार करना नहीं सीख पाते और न ही नये प्रोडक्ट डिजाइन करते ट्रे़ड-ऑफ करना सीख पाते। वे कहते हैं कि मुझे समझ नहीं आ रहा है कि रिमोटली यह सब कैसे किया जाए।

30 साल से आईबीएम के साथ

कृष्णा अप्रैल 2020 में कोरोना महामारी के ठीक बाद आईबीएम के सीईओ बने थे। आईबीएम की वेबसाइट के अनुसार कृष्णा आईबीएम के चेयरमैन और सीईओ हैं। आईबीएम में अपने 30 साल के करियर में, अरविंद ने बोल्ड ट्रांफॉर्मेशंस की एक सीरीज की लीडरशिप की है।

कृष्णा का जन्म आंध्र प्रदेश के एक तेलुगु भाषी परिवार में हुआ था। उनके पिता, मेजर जनरल विनोद कृष्णा, एक सेना अधिकारी थे, जिन्होंने भारतीय सेना को सर्विस दी थी।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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