UPI Payments : भारत ने अपनी डिजिटल भुगतान प्रणाली यूपीआई (Unified Payments Interface) का विस्तार करते हुए फ्रांस के नीस शहर में इसकी शुरुआत की है। यह शुरुआत मंगलवार को एक प्रसिद्ध डिपार्टमेंटल स्टोर में की गई। इस कदम के साथ भारत की तेज, सुरक्षित और आसान डिजिटल पेमेंट तकनीक अब यूरोप के एक और बड़े शहर में उपलब्ध हो गई है। इस अवसर पर भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री Piyush Goyal ने नीस स्थित प्रसिद्ध स्टोर Galeries Lafayette में इस सेवा का शुभारंभ किया।
भारत-फ्रांस आर्थिक सहयोग को बढ़ावा
न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक इस लॉन्च के दौरान पीयूष गोयल ने कहा कि यह कदम भारत और फ्रांस के बीच आर्थिक और तकनीकी सहयोग को और मजबूत करेगा। उनका कहना था कि यूपीआई जैसी प्रणाली दोनों देशों के बीच डिजिटल और रणनीतिक साझेदारी को नई गति दे सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि दुनिया के प्रमुख रिटेल स्थलों में यूपीआई की शुरुआत भारत की फिनटेक क्षमता और भरोसेमंद डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का प्रमाण है। इससे भारतीय यात्रियों और विदेशों में कारोबार करने वाले लोगों को बड़ी सुविधा मिलेगी।
किसने निभाई अहम भूमिका
इस पहल में दो प्रमुख संस्थाओं की भूमिका रही, NPCI International Payments Limited और Lyra Collect। इन दोनों कंपनियों के सहयोग से यूपीआई को फ्रांस के भुगतान नेटवर्क से जोड़ा गया, जिससे अब ग्राहक आसानी से मोबाइल के जरिए भुगतान कर सकते हैं। यह सिस्टम भारतीय यूपीआई नेटवर्क को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
नीस का प्रमुख स्थान बना लॉन्च केंद्र
यूपीआई सेवा की शुरुआत जिस स्टोर में की गई, वह नीस शहर के प्रमुख स्थान Place Masséna के पास स्थित है। यह इलाका पर्यटकों और स्थानीय लोगों के बीच काफी लोकप्रिय है। यहां 600 से अधिक ब्रांड उपलब्ध हैं, जिससे यह स्टोर एक प्रमुख शॉपिंग डेस्टिनेशन माना जाता है।
अब तक 9 देशों ने किया स्वीकार
इससे पहले वर्ष 2024 में पेरिस स्थित एफिल टॉवर पर भी यूपीआई की सुविधा शुरू की गई थी। यह दर्शाता है कि भारत की यह डिजिटल भुगतान प्रणाली धीरे-धीरे यूरोप में अपनी जगह बना रही है। वर्तमान में यूपीआई सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात, फ्रांस, मॉरीशस, नेपाल, भूटान, कतर, श्रीलंका और कंबोडिया जैसे देशों में स्वीकार किया जा रहा है।
विदेश यात्रा में भारतीयों को फायदा
यूपीआई के अंतरराष्ट्रीय विस्तार से सबसे बड़ा लाभ भारतीय यात्रियों को होगा। अब उन्हें विदेशों में कैश या विदेशी कार्ड पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। वे सीधे अपने मोबाइल से यूपीआई के जरिए भुगतान कर सकेंगे, जिससे लेनदेन तेज, सुरक्षित और आसान हो जाएगा। नीस में यूपीआई की शुरुआत केवल एक तकनीकी विस्तार नहीं है, बल्कि यह भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था के वैश्विक प्रभाव का संकेत है। यह कदम आने वाले समय में दुनिया के और देशों में यूपीआई को अपनाने का रास्ता खोल सकता है
