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Unemployment Rate: बीते 7 सालों में भारत में काफी कम हुई बेरोजगारी दर, 6 फीसदी से घटकर रह गयी 3.2 फीसदी

Unemployment Rate In India: पिछले दिनों, महिला रोजगार पर राज्यसभा सांसद सागरिका घोष के एक प्रश्न का उत्तर देते हुए, केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे ने उच्च सदन को बताया था कि 15 वर्ष और उससे अधिक आयु की महिलाओं के लिए श्रमिक जनसंख्या अनुपात (डब्ल्यूपीआर) और श्रम शक्ति भागीदारी दर (एलएफपीआर) में लगातार वृद्धि देखी गई है।

Unemployment Rate: बीते 7 सालों में भारत में काफी कम हुई बेरोजगारी दर, 6 फीसदी से घटकर रह गयी 3.2 फीसदी

मुख्य बातें

  • भारत में घटी बेरोजगारी दर
  • 7 सालों में काफी कम हुई
  • 6 फीसदी से घटकर रह गयी 3.2 फीसदी

Unemployment Rate In India: श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा दी गई हालिया जानकारी के अनुसार लेटेस्ट वार्षिक आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (पीएलएफएस) रिपोर्ट में पिछले सात वर्षों के दौरान अनुमानित श्रमिक जनसंख्या अनुपात (डब्ल्यूपीआर) में वृद्धि दर्ज की गई है। पीएलएफएस रिपोर्ट के अनुसार, 2017-18 में अनुमानित श्रमिक जनसंख्या अनुपात (डब्ल्यूपीआर) 46.8 प्रतिशत से बढ़कर 2023-24 में 58.2 प्रतिशत हो गया है। डब्ल्यूपीआर में यह वृद्धि कोरोना महामारी सहित अवधि में दर्ज हुई है। रोजगार का संकेत देने वाला डब्ल्यूपीआर इस अवधि के दौरान 15 वर्ष और इससे अधिक आयु के व्यक्तियों के लिए सामान्य स्थिति में बेरोजगारी दर (यूआर) 6 प्रतिशत से घटकर 3.2 प्रतिशत हो गई है।

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महिलाओं की श्रमिक संख्या कितनी

पिछले दिनों, महिला रोजगार पर राज्यसभा सांसद सागरिका घोष के एक प्रश्न का उत्तर देते हुए, केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे ने उच्च सदन को बताया था कि 15 वर्ष और उससे अधिक आयु की महिलाओं के लिए श्रमिक जनसंख्या अनुपात (डब्ल्यूपीआर) और श्रम शक्ति भागीदारी दर (एलएफपीआर) में लगातार वृद्धि देखी गई है।

2017-18 में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु की महिलाओं के लिए श्रमिक जनसंख्या अनुपात 22 प्रतिशत और श्रम शक्ति भागीदारी दर 23.3 प्रतिशत थी, जो कि 2023-24 में बढ़कर क्रमश: 40.3 प्रतिशत और 41.7 प्रतिशत तक पहुंच गई है।

गैर-कृषि क्षेत्र में श्रमिकों की संख्या

केंद्रीय मंत्री करंदलाजे द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, असंगठित क्षेत्र उद्यमों के वार्षिक सर्वेक्षण (एएसयूएसई) ने असंगठित गैर-कृषि क्षेत्र में श्रमिकों की संख्या में वृद्धि दिखाई है, जो 2021-22 में 9.79 करोड़ से बढ़कर 2022-23 में 10.96 करोड़ हो गई है। एएसयूएसई सर्वेक्षण विशेष रूप से विनिर्माण, व्यापार और अन्य सेवा क्षेत्रों पर केंद्रित है।

रोजगार का आंकड़ा

केंद्रीय मंत्री ने भारत के रोजगार बाजार को लेकर कहा कि सितंबर 2017 से सितंबर 2024 तक की अवधि में ईपीएफओ सब्सक्राइबर्स की संख्या में भी 7 करोड़ नेट सब्सक्राइबर्स जुड़े हैं।

आरबीआई डेटा का हवाला देते हुए केंद्रीय मंत्री ने राज्यसभा में कहा कि देश में 2014-15 के दौरान रोजगार का आंकड़ा 47.15 करोड़ से 2023-24 में बढ़कर 64.33 करोड़ हो गया है, जो 9 वर्षों में 17.18 करोड़ की वृद्धि को दर्शाता है। (इनपुट - आईएएनएस)

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काशिद हुसैन
काशिद हुसैन Author

काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की ब... और देखें

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