भारत को दुनिया की 'मिठास की राजधानी' कहा जाए तो गलत नहीं होगा। त्योहारों का जश्न हो, सुबह की चाय या फिर खाने के बाद मीठा खाने की आदत चीनी हमारे दैनिक जीवन का एक अहम हिस्सा बन चुकी है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि पूरा देश मिलकर एक दिन यानी महज 24 घंटे में कितनी चीनी गटक जाता है? हाल ही में आए चीनी की खपत से जुड़े आंकड़े इतने चौंकाने वाले हैं कि इन्हें जानकर आप हैरान रह जाएंगे। भारत न केवल दुनिया में चीनी का सबसे बड़ा उपभोक्ता (Consumer) है, बल्कि यहां हर दिन चीनी की खपत का आंकड़ा लाखों टन में पहुंचता है।
सालाना कितनी चीनी होती है इस्तेमाल?
आंकड़ों और रिपोर्ट के अनुसार, भारत में सालाना लगभग 280 लाख मीट्रिक टन (28 Million Tonnes) से अधिक चीनी की खपत होती है। अगर इसे 24 घंटे यानी एक दिन के हिसाब से देखें, तो भारत के लोग हर रोज करीब 7.5 से 8 करोड़ किलोग्राम (75,000 से 80,000 मीट्रिक टन) चीनी खा जाते हैं। इसका मतलब है कि देश का हर नागरिक औसतन प्रतिदिन लगभग 50 से 60 ग्राम चीनी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कंज्यूम कर लेता है। प्रत्यक्ष चीनी का मतलब चाय, दूध या घर की मिठाइयों से है, जबकि अप्रत्यक्ष चीनी कोल्ड ड्रिंक्स, पैकेज्ड जूस, बिस्कुट, केक, पैक्ड स्नैक्स और सॉस के जरिए हमारे शरीर में पहुंचती है।
24 घंटे में कितनी चीनी
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की सिफारिशों के मुताबिक, एक स्वस्थ वयस्क (Adult) को दिन भर में 25 ग्राम (लगभग 5 से 6 चम्मच) से अधिक चीनी का सेवन नहीं करना चाहिए। लेकिन भारतीय खानपान की आदतों के कारण हम निर्धारित सीमा से लगभग दोगुनी चीनी का सेवन कर रहे हैं। शहरी इलाकों में प्रोसेस्ड और जंक फूड का बढ़ता चलन इस खपत को और तेजी से बढ़ा रहा है, जहां अनजाने में ही लोग पैकेज्ड प्रोडक्ट्स के जरिए भारी मात्रा में शुगर शरीर में पहुंचा देते हैं।
मिठास की यह अत्यधिक मात्रा देश की सेहत के लिए एक बड़ा खतरा बनती जा रही है। यही वजह है कि भारत को 'डायबिटीज की राजधानी' भी कहा जाने लगा है। अत्यधिक चीनी के सेवन से न सिर्फ टाइप-2 डायबिटीज का खतरा बढ़ता है, बल्कि यह मोटापा (Obesity), फैटी लिवर, हृदय रोग (Heart Attack), हाई ब्लड प्रेशर और दांतों की सड़न जैसी कई गंभीर बीमारियों का मुख्य कारण बन रहा है।
