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10,000 से सीधे 50,000, इस बैंक ने बढ़ाई सेविंग्स अकाउंट पर मिनिमम बैलेंस लिमिट

ICICI Bank Minimum Balance: आईसीआईसीआई बैंक की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अर्ध-शहरी इलाकों में यह सीमा 25,000 रुपये और ग्रामीण इलाकों में 10,000 रुपये कर दी गई है। अगर खाताधारक तय एमएबी नहीं रख पाते, तो उन्हें कमी की राशि का छह प्रतिशत या 500 रुपये (जो भी कम हो) जुर्माने के रूप में देना होगा।

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ICICI Bank Minimum Balance (Pic Credit: Canva)

ICICI Bank Minimum Balance: आईसीआईसीआई बैंक ने एक अगस्त या उसके बाद खोले जाने वाले नए बचत बैंक खातों के लिए न्यूनतम शेष राशि की अनिवार्यता पांच गुना बढ़ाकर 50,000 रुपये कर दी है। आईसीआईसीआई बैंक के ग्राहकों के लिए 31 जुलाई, 2025 तक बचत बैंक खातों में न्यूनतम मासिक औसत शेष राशि (एमएबी) 10,000 रुपये थी।

इसी प्रकार, आईसीआईसीआई बैंक की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अर्ध-शहरी इलाकों में यह सीमा 25,000 रुपये और ग्रामीण इलाकों में 10,000 रुपये कर दी गई है। अगर खाताधारक तय एमएबी नहीं रख पाते, तो उन्हें कमी की राशि का छह प्रतिशत या 500 रुपये (जो भी कम हो) जुर्माने के रूप में देना होगा।

इनको मिलेगी छूट

न्यूज एजेंसी भाषा के मुताबिक बैंक की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार बचत खाते में जमा रकम पर सालाना 2.5 प्रतिशत ब्याज मिलेगा। यह नया नियम सिर्फ एक अगस्त 2025 के बाद खोले गए खातों पर लागू होगा। पुराने खाताधारकों के लिए फिलहाल पुरानी राशि सीमा ही लागू रहेगी। सैलरी अकाउंट, प्रधानमंत्री जनधन खाते और बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट अकाउंट धारकों को इस नियम से छूट मिलेगी क्योंकि ये जीरो बैलेंस खाते हैं।

जिन ग्राहकों के खाते में तय सीमा से ज्यादा राशि होगी, उन्हें कुछ खास सुविधाएं मिलेंगी। इनमें मुफ्त एनईएफटी धन हस्तांतरण और महीने में तीन बार मुफ्त नकद लेनदेन शामिल हैं। इसके बाद हर नकद लेनदेन पर 150 रुपये का शुल्क लगेगा। इन सभी शुल्कों पर जीएसटी भी देना होगा। एमएबी में यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने अपने जुर्माने को या तो तर्कसंगत बना दिया है या पूरी तरह से माफ कर दिया है।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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