Rajya Sabha Uproar: राम मंदिर दान घोटाले को लेकर राज्यसभा में जंग छिड़ी हुई है। कांग्रेस समेत पूरा विपक्ष इस मुद्दे पर संसद में सरकार पर हमलावर है। संसद के बाहर ही नहीं बल्कि संसद के अंदर भी कांग्रेस व दूसरी पार्टियां केंद्र की मोदी सरकार को निशाने पर ले रही है। नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आज फिर ये मुद्दा राज्यसभा में उठाया। इस दौरान उनकी संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू से भी तू-तू, मैं-मैं हो गई। सदन में काफी देर तक हंगामा होता रहा। खरगे ने कहा, सीबीआई कहां है, ED कहां है, राम के नाम पर घोटाला करते हैं, आप जो काम कर रहे हैं वह देश के हित में नहीं बल्कि कुछ लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए है। इसी बात पर सदन में हंगामा बढ़ गया और किरेन रिजिजू ने भी जबावी हमला किया।
राम मंदिर दान घोटाला को लेकर सरकार को घेरा
वहीं, खरगे ने राम मंदिर दान घोटाला को लेकर संसद के बाहर भी सरकार और पीएम मोदी को घेरा। खरगे ने एक्स पर कहा- श्री राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट और उसमें जो बहुमूल्य भेंटों, नकद दान, जमीन खरीद और प्रबंधन को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। ये करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का विषय है। इस ट्रस्ट का गठन केंद्र सरकार ने किया है, जिसकी घोषणा प्रधानमंत्री मोदी ने खुद सदन में की थी। केंद्र सरकार ने 70 एकड़ से अधिक भूमि ट्रस्ट को सौंपी है और प्रधानमंत्री मोदी भूमि पूजन से लेकर प्राण प्रतिष्ठा तक हर महत्वपूर्ण अवसर में शामिल रहे। ऐसे में प्रधानमंत्री चढ़ावा चोरी समेत अन्य गंभीर आरोपों पर जवाबदेही से बच नहीं सकते। उन्हें सदन में बताना चाहिए कि ED, CBI, इनकम टैक्स समेत बाकी जांच एजेंसियां कहां हैं? प्रभु राम के नाम पर लूट करने वालों को पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए और देश को गुमराह करने का काम बंद होना चाहिए।
नरेंद्र मोदी पर खरगे का सीधा हमला
इससे पहले मल्लिकार्जुन खरगे ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर संसद में उपस्थित न होकर मतदाताओं का अपमान करने का आरोप लगाया और कहा कि जब तक मोदी नीट परीक्षा के पेपर लीक मामले में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर सदन में नहीं बोलते, तब तक विपक्ष का विरोध जारी रहेगा। खरगे ने संसद के बाहर पत्रकारों से कहा, या तो मोदी सदन और सांसदों का सामना करने से डरते हैं, या फिर उन्हें संसद का कोई सम्मान नहीं है। दोनों में से कोई भी बात संभव है। विपक्षी दल छात्रों के खिलाफ हिंसा पर प्रधानमंत्री से माफी मांगने की मांग कर रहे हैं और दोनों सदनों में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
खरगे बोले, संसद और लोगों का अपमान कर रहे हैं पीएम
राज्यसभा में विपक्ष के नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री न केवल संसद का अपमान कर रहे हैं, बल्कि उन लोगों का भी अपमान कर रहे हैं जिन्होंने सांसदों को चुना है। खरगे ने X पर हिंदी में एक पोस्ट में आरोप लगाया, मोदी जी को युवाओं पर लाठीचार्ज और पेलेट गन चलाने के लिए माफी मांगनी चाहिए…लेकिन संसद में आने के बजाय, वे बच्चों को डरा-धमका रहे हैं। वे सदन में नहीं आते, सवालों के जवाब नहीं देते, राम मंदिर में चंदे की चोरी पर कुछ नहीं बोलते, न ही छात्रों के दमन पर कुछ कहते हैं। मासूम बच्चे देशद्रोही नहीं हैं; उन्हें ऐसा मत कहिए। असली देशद्रोही भाजपा के लोग हैं, जो लोकतंत्र को कुचल रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री आधी रात को उठकर इंस्टाग्राम पर अपनी बात रख सकते हैं, तो उन्हें संसद में भी यही कहना चाहिए। उन्हें प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाकर सवालों के जवाब देने चाहिए।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, यह संसद का, सांसदों को चुनने वाली जनता का और लोकतंत्र का अपमान है। लोकतंत्र में बहस होती है और सरकार बहस का जवाब देती है, लेकिन प्रधानमंत्री सदन में प्रवेश तक नहीं कर रहे हैं। खरगे ने कहा कि प्रधानमंत्री बच्चों को माफ करने की बात कर रहे हैं, लेकिन उन्हें बच्चों से माफी मांगनी चाहिए क्योंकि उनकी सरकार ने ही प्रदर्शनकारी बच्चों के खिलाफ आंसू गैस, लाठी और पेलेट गन का इस्तेमाल किया था। उन्हें इन सबके लिए माफी मांगनी चाहिए थी। उन्होंने प्रधानमंत्री पर असली मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, उनका संसद में न आना और न बोलना संसद का अपमान है। जिन लोगों ने सभी सांसदों को चुना है, वे उन्हें सुनना चाहते हैं और इसीलिए विपक्षी सदस्य दोनों सदनों में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
