देशभर के करोड़ों लोग कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) से जुड़े हुए हैं। ईपीएफओ, भारत में सैलरी पाने वाले लोगों के लिए निवेश और रिटायरमेंट सेविंग का एक बेहतरीन विकल्प है। लेकिन अगर किसी परिवार के कमाऊ सदस्य की अचानक मौत हो जाए, तो यह परिवार के लिए बड़ा आर्थिक झटका हो सकता है। ऐसे मुश्किल समय में EPFO परिवार को PF की जमा रकम के अलावा पेंशन और बीमा का लाभ मिलता है।
ऐसे में परिवार के लिए यह जानना जरूरी है कि पेंशन पाने से लेकर पीएफ में जमा रकम के से लेकर क्लेम पाने का क्या प्रोसेस है? आइए जानते हैं कि EPF सब्सक्राइबर की मौत के बाद उनके परिवार, नॉमिनी या कानूनी वारिस प्रोविडेंट फंड की बचत, पेंशन पेमेंट और इंश्योरेंस का फायदा कैसे पा सकते हैं।
किसे 'परिवार' माना जाता है?
EPFO का पेमेंट परिवार के सदस्यों को बराबर हिस्सों में दिया जाता है। रिटायरमेंट फंड बॉडी परिवार में जीवनसाथी और बच्चों को शामिल करती है। अगर मृतक सदस्य का जीवनसाथी या बच्चे नहीं हैं, तो पेमेंट आश्रित माता-पिता को दिया जाता है। खास बात यह है कि EPFO के नियमों के अनुसार, अगर नॉमिनेशन करते समय सदस्य का कोई परिवार नहीं है (जिसमें आश्रित माता-पिता भी शामिल हैं), तो वे अपनी पसंद के किसी भी व्यक्ति को नॉमिनी बना सकते हैं। हालांकि, अगर बाद में सदस्य का परिवार बन जाता है, तो परिवार के एक या ज्यादा सदस्यों के पक्ष में नया नॉमिनेशन करना जरूरी हो जाता है।
क्लेम करने के लिए कौन से दस्तावेज जमा करने होंगे?
- मृतक EPF मेंबर का 12-अंकों का UAN
- बेनिफिशियरी का आधार, नाम और जन्म की तारीख (जैसा कि e-नॉमिनेशन में बताया गया है)
- मेंबर का डेथ सर्टिफिकेट (PDF, ज्यादा से ज्यादा 2MB)
- बेनिफिशियरी का बैंक प्रूफ, कैंसल किया हुआ चेक या पासबुक (PDF, ज्यादा से ज्यादा 2MB)
- रद्द चेक या बैंक पासबुक के पहले पेज की प्रमाणित प्रति
कौन से फॉर्म भरने होंगे?
क्लेम करने वालों को प्रोविडेंट फंड, पेंशन और इंश्योरेंस के हर एप्लीकेशन के लिए ये फॉर्म भरने होंगे—
मेंबर के PF का पैसा एकमुश्त निकालने के लिए फॉर्म 20,पेंशन क्लेम के लिए फॉर्म 10D
परिवार के लिए EDLI लाइफ इंश्योरेंस फायदे के लिए फॉर्म 5IF।
क्लेम में देरी से बचने के लिए ये काम करें
क्लेम दाखिल करने से पहले मृतक सदस्य का UAN, PF रिकॉर्ड, नॉमिनी की जानकारी और बैंक डिटेल जांच लें। मृत्यु प्रमाणपत्र और पेंशन का दावा करने वाले बच्चों के जन्म प्रमाणपत्र जैसे दस्तावेज तैयार रखें। अगर किसी दस्तावेज में नाम या अन्य जानकारी अलग-अलग है, तो पहले उसे ठीक कराने की कोशिश करें। गलत बैंक डिटेल या अधूरे दस्तावेज के कारण प्रक्रिया में देरी हो सकती है।
