GDP Data:देश में अर्थव्यवस्था की रफ्तार तीसरी तिमाही में सुस्त रही है। मंगलवार को सरकार द्वारा जारी तीसरी तिमाही आंकड़ों के अनुसार इस अवधि में GDP 4.4 फीसदी की दर से बढ़ी है। इससे पहले मौजूदा वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में GDP में 6.3 फीसदी और पहली तिमाही में 13.5 फीसदी की दर से बढ़ोतरी हुई थी। वहीं पिछले साल की समान तिमाही में जीडीपी ग्रोथ 5.4 फीसदी रही थी। ग्रोथ सुस्त रहने की प्रमुख वजह महंगाई भी रही है। सरकार ने FY23 के लिए GDP ग्रोथ अनुमान को 7% पर बरकरार रखा है।
40 लाख करोड़ की हुई रियल जीडीपी
सरकार के अनुसार वित्त वर्ष 2022-23 की तीसरी तिमाही में रियल जीडीपी 40.19 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गई, जो कि पिछले साल की समान तिमाही में 38.51 लाख करोड़ रुपए पर थी। वहीं नॉमिनल जीडीपी 69.38 लाख करोड़ पर पहुंच गई जो कि पिछले साल इसी अवधि में 62.39 लाख करोड़ थी। इसके पहले आरबीआई ने रियल जीडीपी ग्रोथ 6.8 फीसगी और तीसरी तिमाही के लिए 4.4 फीसदी रहने का अनुमान लगाया था। ताजा आंकड़े आरबीआई के अनुमान के ही अनुरूप हैं।
इसके अलावा एनएसओ ने अपने दूसरे अग्रिम अनुमान में चालू वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर सात प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है। इसके अलावा एनएसओ ने बीते वित्त वर्ष 2021-22 की वृद्धि दर को 8.7 प्रतिशत से संशोधित कर 9.1 प्रतिशत कर दिया है।
कोर इंडस्ट्री का उत्पादन बढ़ा
मंगलवार को ही जारी कोर इंडस्ट्री के आंकड़ों के अनुसार जनवरी में उत्पादन में 7.8 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। ऐसा कोयला, उर्वरक, इस्पात और बिजली क्षेत्रों के बेहतर प्रदर्शन के कारण यह वृद्धि दर्ज हुई।पिछले साल इसी अवधि यानी जनवरी, 2022 में बुनियादी उद्योगों के उत्पादन में चार प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। दिसंबर, 2022 में यह आंकड़ा सात प्रतिशत था। जनवरी में कच्चे तेल के उत्पादन में 1.1 प्रतिशत की गिरावट आई। आठ प्रमुख बुनियादी ढांचा क्षेत्रों में कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, इस्पात, सीमेंट और बिजली की वृद्धि दर अप्रैल, 2022 से जनवरी, 2023 के दौरान 7.9 प्रतिशत रही। यह आंकड़ा इससे पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 11.6 प्रतिशत था।
