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सरकार ने संसद में दिया हिसाब, देश में कहां कितनी बेरोजगारी और ग्रेजुएट्स का क्या है हाल?

केंद्र सरकार ने संसद में बेरोजगारी पर हिसाब-किताब दिया है। संसद में पूछे गए सवाल के जवाब में सरकार ने देश में बेरोजगारी से जुड़े आंकड़े पेश किए। इन आंकड़ों की मानें, तो बेरोजगारी घटी है।

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सरकार ने संसद में दिए बेरोजगारी के आंकड़े

Unemployment Data : देश में युवाओं की बेरोजगारी दर में पिछले साल के मुकाबले मामूली सुधार हुआ है। सरकार ने लोकसभा में बताया कि 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग की बेरोजगारी दर वर्ष 2025 में 9.9% रही, जो 2024 में 10.3% थी। हालांकि, पढ़े-लिखे युवाओं के लिए नौकरी की चुनौती अब भी बड़ी बनी हुई है। 2025 में ग्रेजुएट्स की बेरोजगारी दर 11.2% और पोस्ट-ग्रेजुएट्स की 10% दर्ज की गई।

लोकसभा में श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने एक लिखित जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रोजगार और बेरोजगारी के आधिकारिक आंकड़े पीरियॉडिक लेबर फोर्स सर्वे (PLFS) से लिए जाते हैं। जनवरी 2025 से इसकी कार्यप्रणाली में बदलाव किया गया है और संशोधित पद्धति पर आधारित पहली वार्षिक रिपोर्ट 2025 में जारी की गई।

युवाओं की बेरोजगारी दर में क्या बदलाव आया?

सरकार की तरफ से दिए गए आंकड़ों मुताबिक देश में 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग की बेरोजगारी दर लगातार उतार-चढ़ाव के बाद अब एकल अंक में आ गई है। 2022 में यह दर 10.9% थी, जो 2023 10.0% और 2024 में 10.3% रही। इसके बाद 2025 में घटकर 9.9% रही। इससे पता चलता है कि देश में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़े हैं।

कुल बेरोजगारी दर कितनी रही?

15 वर्ष और उससे अधिक आयु के सभी लोगों को शामिल करने पर देश की कुल बेरोजगारी दर भी अपेक्षाकृत कम रही है। सरकार की तरफ संसद में दिए गए आंकड़ों के मुताबिक 2022 में जहां कुल बेरोजगारी दर 3.6% रही। वहीं, 2023 में यह 3.1%, 2024 में 3.2% और 2025 में 3.1% रही है।

सबसे ज्यादा बेरोजगारी किस वर्ग में?

लोकसभा में सरकार ने यह भी बताया कि वर्ष 2025 में ग्रेजुएट्स की बेरोजगारी दर 11.2% रही। वहीं, पोस्ट-ग्रेजुएट्स की 10% दर्ज की गई। इससे साफ है कि उच्च शिक्षा प्राप्त युवाओं के लिए भी रोजगार हासिल करना चुनौती बना हुआ है। हालांकि, सरकार ने उस दावे की पुष्टि नहीं की कि देश के 66% बेरोजगार ग्रेजुएट या पोस्ट-ग्रेजुएट हैं। जवाब में केवल बेरोजगारी दर के आधिकारिक आंकड़े दिए गए हैं।

रोजगार बढ़ाने के लिए सरकार क्या कर रही है?

सरकार से बेरोजगारी के आंकड़ों साथ यह ही यभी पूछा गया कि युवाओं के लिए रोजगार सृजन और उनकी रोजगार क्षमता बढ़ाना उसकी प्राथमिकता है। इसके लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। स्किल इंडिया मिशन, जिसके तहत पीएम कौशल विकास योजना, जन शिक्षण संस्थान, राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप प्रोत्साहन योजना और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के जरिए कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

MSME रोजगार के इंजन

सरकार की तरफ से दिए गए आंकड़ों के मुताबिक उद्यम रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर अब तक 8.9 करोड़ सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम पंजीकृत हो चुके हैं। सरकार के मुताबिक इनसे 39 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। इसके अलावा फ्यूचरस्किल्स प्राइम कार्यक्रम, जिसके तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सहित नई तकनीकों में री-स्किलिंग और अप-स्किलिंग कराई जा रही है। प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना, जिस पर 99,446 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य दो वर्षों में 3.5 करोड़ से अधिक रोजगार सृजित करने का है। नेशनल करियर सर्विस पोर्टल, जहां सरकारी और निजी नौकरियों, करियर काउंसलिंग, जॉब फेयर और कौशल प्रशिक्षण से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

क्या राज्यों का डेटा भी उपलब्ध है?

सरकार ने बताया कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के अनुसार बेरोजगारी के आंकड़े पीएलएफएस रिपोर्ट में उपलब्ध हैं। रिपोर्ट के आंकड़ों को नीचे टेबल में देखा जा सकता है।

रैंकराज्ययुवा बेरोजगारी दर (15–29 वर्ष)
1हिमाचल प्रदेश19.8%
2पंजाब17.0%
3बिहारलगभग 15%
4उत्तर प्रदेशलगभग 14%
5दिल्लीलगभग 14%
    Yateendra Lawaniya
    यतींद्र लवानियाauthor

    प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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