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ग्लेनमार्क लाइफ साइंसेज को खरीदेगी निरमा, कभी घर में पाउडर बनाने से हुई थी शुरूआत

Glenmark To Sell Majority Stake In Life Sciences: ग्लेनमार्क लाइफ साइंसेज, ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल्स की सहायक कंपनी है। ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल्स के पास ग्लेनमार्क लाइफ की 82 फीसदी से अधिक हिस्सेदारी है। जिसका ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल्स की कुल कमाई में करीब 17 फीसदी योगदान है।

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निरमा का बिग प्लान

Glenmark To Sell Majority Stake In Life Sciences:दवा कंपनी ग्लेनमार्क फॉर्मास्युटिकल्स अपनी सहयोगी कंपनी, ग्लेनमार्क लाइफ साइंसेज में 75 हिस्सेदारी निरमा लिमिटेड को बेचेगी। इसके लिए निरमा 5,651.5 करोड़ रुपये ग्लेनमार्क को चुकाएगीकंपनी ने बृहस्पतिवार को शेयर बाजार को दी सूचना में यह जानकारी दीग्लेनमार्क फॉमास्युटिकल्स ने कहा कि उसके निदेशक मंडल ने 21 सितंबर, 2023 को हुई बैठक में ग्लेनमार्क लाइफ साइंसेज के 9,18,95,379 शेयर यानी 75 प्रतिशत हिस्सेदारी निरमा लिमिटेड को बेचने की मंजूरी दी है। यह बिक्री 615 रुपये प्रति शेयर के भाव पर की गई है। इससे कुल मिलाकर यह सौदा 5,651.5 करोड़ रुपये का है।

क्या करती है ग्लेनमार्क लाइफ साइंसेज

ग्लेनमार्क लाइफ साइंसेज, ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल्स की सहायक कंपनी है। ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल्स के पास ग्लेनमार्क लाइफ की 82 फीसदी से अधिक हिस्सेदारी है। जिसका ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल्स की कुल कमाई में करीब 17 फीसदी योगदान है। मार्च के अंत तक ग्लेनमार्क लाइफ का नेटवर्थ 2,138 करोड़ रुपये था। इस फैसले के बाद ग्लेनमार्क लाइफ साइंसेज में 75 फीसगी हिस्सेदारी की बिक्री से कंपनी के माइनॉरिटी शेयरधारकों के लिए एक ओफएस भी आएगा। बिक्री के बाद ग्लेनमार्क फार्मा की ग्लेनमार्क लाइफ साइंसेज में 7.84 फीसदी हिस्सेदारी रह जाएगी। ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड के प्रॉफिट में चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 18 फीसदी गिरावट आई है। इस दौरान कंपनी का प्रॉफिट 173.13 करोड़ रुपये रहा। जबकि एक साल पहले इसी अवधि में कंपनी को 2,777.29 करोड़ का प्रॉफिट हुआ था।

निरमा कैसे शुरू हुई

अहमदाबाद के करसन भाई ने अपने घर में ही निरमा पाउडर बनाने की शुरुआत की थी। पाउडर बेचने के लिए उन्होंने नायाब तरीका निकाला, उन्होंने निरमा पाउडर लेकर लोगों के घर-घर पहुंचाने लगे। और निरमा के हर पैकेट पर कपड़े साफ न होने पर पैसे वापस करने की गारंटी देने लगे। जब सबसे सस्ता वाशिंग पाउडर 13 रुपए प्रति किलो बिक रहा था तब उन्होंने तीन रुपए प्रति किलो में बेच दिया। और आज कंपनी सीमेंट, रियल एस्टेट, डिटर्जेंट और फॉर्मा सेक्टर में पहुंच चुकी है। और उसका करीब 20 हजार करोड़ का टर्नओवर है।

TNN Business Desk
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