Misleading Food Packaging : खाद्य उत्पादों की पैकेजिंग और ब्रांडिंग में इस्तेमाल किए जा रहे ‘हेल्थ’ जैसे शब्द अब नियामक जांच के घेरे में आ गए हैं। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने Marico समेत 14 कंपनियों को नोटिस जारी कर उनके उत्पादों के नाम, लेबलिंग और स्वास्थ्य संबंधी दावों पर स्पष्टीकरण मांगा है। नियामक संस्था का मानना है कि कुछ उत्पादों के ब्रांड नाम और प्रचार सामग्री उपभोक्ताओं को उत्पाद के वास्तविक गुणों के बारे में भ्रमित कर सकते हैं। Marico के खाद्य तेल ब्रांड ‘Health Pro’ को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। FSSAI ने पूछा है कि क्या ऐसा नाम उपभोक्ताओं को यह संदेश देता है कि उत्पाद सामान्य तेलों की तुलना में अधिक स्वास्थ्यवर्धक है और क्या इस दावे के समर्थन में पर्याप्त वैज्ञानिक आधार मौजूद है। प्राधिकरण ने लेबलिंग नियमों के संभावित उल्लंघन की भी जांच शुरू की है। खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी उत्पाद के नाम या प्रचार में ऐसे शब्दों का इस्तेमाल तभी किया जाना चाहिए, जब उसके समर्थन में स्पष्ट और प्रमाणित तथ्य उपलब्ध हों।
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब उपभोक्ता स्वास्थ्य के प्रति पहले से अधिक जागरूक हैं और कंपनियां भी अपने उत्पादों को ‘हेल्दी’ छवि के साथ बाजार में पेश कर रही हैं। FSSAI की इस पहल को खाद्य क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ाने और भ्रामक दावों पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब सभी की नजर कंपनियों के जवाब और FSSAI की अगली कार्रवाई पर टिकी है।
FSSAI की कार्रवाई: किन कंपनियों को नोटिस और क्यों?
1. परम डेयरी लिमिटेड (Param Dairy Limited)
एफएसएसएआई को सोशल मीडिया के माध्यम से शिकायत मिली कि आईआरसीटीसी कैटरिंग में सप्लाई किए गए दही और रबड़ी में फंगस (कवक) पाई गई। कंपनी से उत्पाद की जानकारी, स्टॉक प्रबंधन, जांच रिपोर्ट और सुधारात्मक कार्रवाई का विवरण मांगा गया है।
2. बीकानेरवाला (Bikanervala)
शिकायत में आरोप लगाया गया कि एक कर्मचारी किचन/फूड सर्विस एरिया में भोजन कर रहा था, जिससे स्वच्छता संबंधी सवाल खड़े हुए। एफएसएसएआई ने जांच रिपोर्ट, कर्मचारियों के लिए लागू एसओपी और की गई कार्रवाई का ब्योरा मांगा है।
भ्रामक दावों और लेबलिंग उल्लंघन पर नोटिस
3. ORVILLE – Mountain Bawarchi Buransh Squash
उत्पाद के लेबल पर बुरांश पल्प का प्रतिशत नहीं बताया गया। साथ ही मधुमेह, कोलेस्ट्रॉल और अस्थमा से जुड़े स्वास्थ्य दावे बिना अनुमति किए गए, जिन्हें एफएसएसएआई ने भ्रामक माना।
4. Nexa Industries – Alkaline Nutrient Water
“Alkaline Nutrient Water” नाम मानकीकृत नहीं है। वजन घटाने, डिटॉक्स और हृदय स्वास्थ्य जैसे दावों को नियमों के विरुद्ध बताया गया।
5. Raw Pressery – Alphonso Mango Fruit Drink
पैक पर “Naturally Occurring Sugars” का दावा किया गया, जबकि उत्पाद में अतिरिक्त शर्करा (फ्रुक्टोज) भी मौजूद है। एफएसएसएआई ने इसे भ्रामक माना।
6. Medizen Labs – AS-IT-IS ATOM PWR Whey XL
“100% Authentic”, “Pure & Healthy”, “Easy Digest” और “Rapid Recovery” जैसे दावों के लिए पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण नहीं पाए गए।
7. Marico – Saffola Total Heart Pro
“Heart Pro” और हृदय स्वास्थ्य से जुड़े दावों को एफएसएसएआई ने संभावित रूप से भ्रामक बताया और इनके वैज्ञानिक आधार पर सवाल उठाए।
8. Nutraceutical – Incipro Gold Powder Vanilla
100% हाइड्रोलाइज्ड व्हे प्रोटीन, बेहतर पाचन और प्रोबायोटिक कंटेंट जैसे कई दावों को नियमों के अनुरूप नहीं पाया गया।
9. Korean Ginseng
“Support Energy and Performance” जैसे दावों को भ्रामक माना गया। लेबल पर सामग्री की मात्रा संबंधी जानकारी भी नियमों के अनुरूप नहीं पाई गई।
10. Gaur Healthy Food – Silken Tofu
“100% Veg”, “Rich in Vitamins” और “Anti-Cancer Properties” जैसे दावे किए गए। एफएसएसएआई के अनुसार इनमें से कुछ दावों का पर्याप्त प्रमाण नहीं है और कुछ प्रतिबंधित श्रेणी में आते हैं।
11. MasterChow Foods – Ramen Noodles
कंपनी ने “100% Natural” और “Freshly Made” जैसे दावे किए, जबकि उत्पाद विवरण में मौजूद जानकारी इन दावों से मेल नहीं खाती थी।
12. Ferrero India – Kinder Joy Coated Wafer Biscuits
पैक पर “Rich in Milk Solids” का दावा किया गया, लेकिन उत्पाद की संरचना इस दावे को पर्याप्त रूप से साबित नहीं करती, इसलिए एफएसएसएआई ने नोटिस जारी किया।
एफएसएसएआई ने खाद्य सुरक्षा, स्वच्छता, भ्रामक विज्ञापन और गलत लेबलिंग के मामलों में कई बड़ी कंपनियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
