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Health Insurance की रिन्यूअल डेट भूल गए तो क्या होगा, जानिए इसके नुकसान

कई बार लोग हेल्थ इंश्योरेंस तो ले लेते हैं लेकिन इसकी रिन्यूअल डेट भूल जाते हैं। ऐसे में हेल्थ इंश्योरेंस की रिन्यूअल डेट भूल जाएं तो इसके क्या नुकसान हो सकते हैं?

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Health Insurance पॉलिसी की रिन्यूअल डेट मिस हो जाए तो क्या होगा (Photo: iStock)

हेल्थ इंश्योरेंस आज के समय में मेडिकल खर्चों से आर्थिक सुरक्षा देने का एक जरूरी साधन है। लेकिन सिर्फ पॉलिसी खरीद लेना काफी नहीं है। इसे समय पर रिन्यू करवाना भी उतना ही जरूरी है। कई बार लोग रिन्यूअल डेट भूल जाते हैं और प्रीमियम समय पर जमा नहीं कर पाते। ऐसे में पॉलिसी लैप्स होने का खतरा रहता है और इसका सीधा असर आपके हेल्थ कवर पर पड़ सकता है।

रिन्यूअल डेट मिस होने पर क्या होता है?

अगर पॉलिसी की रिन्यूअल डेट (health insurance policy renewal date) निकल गई है तो ग्रेस पीरियड एक रास्ता बचता है। कई इंश्योरेंस कंपनियां ग्रेस पीरियड देती हैं, जिसमें बकाया प्रीमियम जमा कर पॉलिसी को जारी रखा जा सकता है। कुछ कंपनियां 7 दिन तक और कुछ मामलों में 15 दिन तक का ग्रेस पीरियड दे सकती हैं। हालांकि, ग्रेस पीरियड की अवधि हर पॉलिसी और इंश्योरर के नियमों पर निर्भर करती है।

ग्रेस पीरियड भी निकल गया तो क्या होगा

अगर ग्रेस पीरियड के दौरान भी प्रीमियम जमा नहीं किया जाता है तो पॉलिसी लैप्स हो सकती है और इंश्योरेंस कवर खत्म हो सकता है। ऐसी स्थिति में मेडिकल इमरजेंसी आने पर अस्पताल का खर्च खुद उठाना पड़ सकता है। यानी जिस आर्थिक सुरक्षा के लिए आपने हेल्थ इंश्योरेंस लिया था, वह उस समय उपलब्ध नहीं रहेगी।

No Claim Bonus और दूसरे फायदे पर असर

लंबे समय से चल रही हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी लैप्स होने पर पुराने पॉलिसी बेनिफिट्स प्रभावित हो सकते हैं। लैप्स के बाद नई पॉलिसी लेने की स्थिति में No Claim Bonus जैसे लाभ खत्म हो सकते हैं और कवरेज को नए सिरे से शुरू करना पड़ सकता है।

Waiting Period फिर से शुरू होने का जोखिम

पॉलिसी लैप्स होने का एक बड़ा नुकसान यह भी हो सकता है कि कुछ बीमारियों के लिए पहले पूरा किया गया Waiting Period दोबारा लागू हो सकता है। उदाहरण के लिए, कुछ गंभीर बीमारियों के लिए 2 से 3 साल तक का वेटिंग पीरियड हो सकता है। इस बात को समझें कि नई पॉलिसी लेने पर पहले पूरा किया गया Waiting Period अपने आप एडजस्ट नहीं होता।

रिन्यूअल डेट को इस तरह रखें याद

रिन्यूअल डेट को कैलेंडर या फोन में पहले से सेट कर लें। इंश्योरर की SMS और ईमेल रिमाइंडर सुविधा का इस्तेमाल करें। जहां उपलब्ध हो, ऑटोमैटिक पेमेंट या ECS जैसी सुविधा भी ली जा सकती है। सबसे जरूरी बात यह है कि रिन्यूअल डेट निकलने के बाद तुरंत अपनी इंश्योरेंस कंपनी से संपर्क करें और ग्रेस पीरियड के नियमों के अनुसार प्रीमियम जमा करें।

Shivani Kotnala
शिवानी कोटनालाauthor

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने बिजनेस और टेक से जुड़ी खबरों पर काम किया है। यूटीलिटी, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग से जुड़ी खबरों पर वह लगातार लिख रही हैं। शिवानी ने डिजिटल के साथ-साथ न्यूज एजेंसी में भी काम किया है।

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