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जिसे चीन ने दुत्कारा उसे भारत ने दिया सहारा,अब ड्रैगन के घर से बोरिया-बिस्तर समेटने की तैयारी में कई कंपनियां

  • Authored by: प्रशांत श्रीवास्तव
  • Updated Jun 21, 2023, 03:00 PM IST

Foreign Companies Packup From China, India New Destination:यूरोपियन यूनियन चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रेसिडेंट जेंस ने कहा है कि चीन में बिजनेस का माहौल अपने सबसे निचले स्तर पर है। चैंबर के एक सर्वे के अनुसार 570 कंपनियों ने कहा है कि चीन में बिजनेस करना बहुत मुश्किल हो गया है। हर पांच में से तीन कंपनियों का कहना है कि वहां पर माहौल राजनीतिक ज्यादा हो गया है।

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चीन को विदेशी कंपनियां देंगी झटका

Foreign Companies Packup From China, India New Destination:करीब एक महीने पहले जिस अमेरिकी कंपनी के प्रोडक्ट को चीन ने अपने यहां बैन कर दिया था। अब वहीं कंपनी भारत में करीब 2.7 अरब डॉलर का निवेश करने जा रही है। जिसके जरिए करीब 5000 नौकरियां पैदा होंगी। मोदी सरकार ने अमेरिका की चिप कंपनी माइक्रोन को देश में सेमीकंडक्टर परीक्षण और पैकेजिंग इकाई स्थापित करने की परियोजना को मंजूरी दे दी है। माइक्रोन अमेरिका की सबसे बड़ी चिप निर्माता कंपनी है। चीन ने जैसा माइक्रोन के साथ किया है, उसकी तरह कई ऐसी कंपनियां हैं जो राष्ट्रपति शी जिनपिंग के नए रवैये का सामना कर रही है। इसकी वजह से माइक्रोन जैसी कंपनियां चीन से अपना बोरिया-बिस्तर समेटने की तैयारी कर रही है। जिसका बड़ा फायदा भारत को मिल सकता है।

भारत में क्या करेगी माइक्रोन

माइक्रोन कंप्यूटर मेमोरी उत्पाद, फ्लैश ड्राइव जैसे संवेदनशीनल प्रोडक्ट बनाती है। जो कि भारत में एक ओएसएटी (आउटसोर्स सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट) संयंत्र स्थापित करेगी। जो उत्पाद को उपयोग के लायक तैयार करने के लिए परीक्षण और पैकेजिंग करेगी।पहले चरण में सरकार ने चार ओएसएटी परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इनमें टाटा समूह का सहस्रा सेमीकंडक्टर्स के प्रस्ताव भी शामिल है।

कई कंपनियां बोरिया-बिस्तर समेटने की तैयारी में

न्यूज एजेंसी एपी के अनुसार यूरोपियन यूनियन चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रेसिडेंट जेंस ने कहा है कि चीन में बिजनेस का माहौल अपने सबसे निचले स्तर पर है। चैंबर के एक सर्वे के अनुसार 570 कंपनियों ने कहा है कि चीन में बिजनेस करना बहुत मुश्किल हो गया है। हर पांच में से तीन कंपनियों का कहना है कि वहां पर माहौल राजनीतिक ज्यादा हो गया है।

चीन की सरकार विदेशी कंपनियों को शक के नजर से देख रही है। कई सारी कार्रवाई भी की गई है। Bain & Co और Capvision पर पुलिस रेड भी की गई। इसके अलावा मिंट्ज ग्रुप के साथ भी जो कार्रवाई की गई उसकी कोई जानकारी भी सार्वजनिक नहीं की गई है। इसके अलावा चीन में लोकल कंपनियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। जिससे कई कंपनियां चीन से कारोबार समेटने की तैयारी में हैं।

प्रशांत श्रीवास्तव
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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