High FII Stake Stocks : भारतीय बाजार से विदेशी निवेशक (FII) भले ही लगातार बिकवाली कर रहे हैं। लेकिन, चुनिंदा स्टॉक्स में जमकर खरीदारी भी कर रहे हैं। मार्च तिमाही के शेयरहोल्डिंग डेटा ने साफ कर दिया है कि कुछ छोटे शेयरों में संस्थागत निवेशकों का भरोसा तेजी से बढ़ा है। मार्केट कैप के हिसाब से देखा जाए, इन स्टॉक्स में संस्थागत निवेशकों ने 2000 करोड़ रुपये से ज्यादा की खरीदारी कर चुके हैं।
मार्च तिमाही में FIIs और DIIs ने Q4 FY26 में Marksans Pharma, GMDC, Data Patterns, Voltamp Transformers, Inox Green Energy Services और Swan Defence जैसी कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। यह सिर्फ खरीदारी नहीं, बल्कि भविष्य की ग्रोथ पर लगाया गया बड़ा दांव भी माना जा रहा है।
भरोसे की सबसे बड़ी निशानी
बाजार में FIIs और DIIs की खरीदारी अक्सर किसी शेयर की बुनियादी मजबूती का संकेत मानी जाती है। जब दोनों बड़े निवेशक एक ही नाम पर दांव लगाते हैं, तो संकेत मिलता है कि कंपनी के बिजनेस मॉडल, आय की विजिविलिटी और भविष्य की मांग को लेकर भरोसा मजबूत हुआ है। इसी वजह से इन छोटे शेयरों ने हाल के महीनों में निवेशकों का ध्यान खींचा है।
फार्मा, डिफेंस और मैन्युफैक्चरिंग में खास रुचि
Marksans Pharma में FII की हिस्सेदारी दिसंबर 2025 के 8.13 प्रतिशत से बढ़कर मार्च 2026 में 16.76 प्रतिशत हो गई, जबकि DII की हिस्सेदारी 5.91 प्रतिशत से 6.57 प्रतिशत तक पहुंची। कंपनी की मौजूदगी अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया जैसे रेगुलेटेड बाजारों में है, जो इसे संस्थागत निवेशकों के लिए आकर्षक बनाती है।
Data Patterns में भी दोनों तरह के निवेशकों की खरीदारी दिखी। FII होल्डिंग 11.54 प्रतिशत से बढ़कर 12.47 प्रतिशत और DII होल्डिंग 10.27 प्रतिशत से बढ़कर 11.68 प्रतिशत हो गई। डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़ी यह कंपनी भारत के रणनीतिक प्लेटफॉर्म्स के लिए हाई-रिलायबिलिटी सिस्टम बनाती है, इसलिए इसका ग्रोथ प्रॉफाइल मजबूत माना जा रहा है।
इंफ्रास्ट्रक्चर और एनर्जी थीम भी रडार पर
Voltamp Transformers में FIIs और DIIs दोनों ने अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। यह कंपनी पावर और डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मर बनाती है, यानी भारत के बिजली और इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड से सीधे जुड़ी हुई है। Inox Green Energy Services में भी FII होल्डिंग 7.57 प्रतिशत से बढ़कर 8.74 प्रतिशत हो गई, जबकि DII की हिस्सेदारी 1.41 प्रतिशत से 1.50 प्रतिशत तक पहुंची। रिन्यूएबल एनर्जी O&M मॉडल के कारण यह शेयर लंबी अवधि की थीम में फिट बैठता है।
GMDC और Swan Defence में क्यों दिखी खरीदारी
GMDC में FII की हिस्सेदारी 2.30 प्रतिशत से बढ़कर 3.76 प्रतिशत और DII की हिस्सेदारी 0.86 प्रतिशत से 0.94 प्रतिशत हुई। यह माइनिंग और कमोडिटी-लिंक्ड PSU है, जहां संसाधन आधारित मांग का फायदा मिल सकता है। Swan Defence में FII होल्डिंग बेहद छोटे बेस से बढ़ी, लेकिन DII की हिस्सेदारी 0.38 प्रतिशत से 2.05 प्रतिशत तक पहुंचना यह दिखाता है कि रक्षा निर्माण थीम पर घरेलू संस्थान भी भरोसा जता रहे हैं।

संस्थागत निवेशकों ने इन स्टॉक्स में की जमकर की खरीदारी
बाजार क्या समझ रहा है
इन नामों में एक समान पैटर्न दिखता है। इनमें से अधिकतर कंपनियां ऐसे सेक्टर में हैं जहां सरकारी खर्च, ऊर्जा ट्रांजिशन, रक्षा आत्मनिर्भरता और ग्लोबल सप्लाई चेन जैसे बड़े ट्रेंड काम कर रहे हैं। यही वजह है कि छोटे आकार के बावजूद इन शेयरों में बड़े निवेशक लगातार हिस्सेदारी बढ़ा रहे हैं।
