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Festive Season में Free गिफ्ट और शॉपिंग वाउचर का लालच पड़ सकता है भारी, ऐसे पहचानें फर्जी ऑफर

Festive Season Scam Alert: फेस्टिव सीजन में फ्री गिफ्ट और शॉपिग वाउचर जैसे ऑफर्स पेश किए जाते हैं। हालांकि, ठीक ऐसे ही समय में स्कैमर्स भी अपना जाल बिछाते हैं।

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फेस्टिव सीजन में फ्री गिफ्ट का लालच न पड़ जाए भारी (AI Generated Image)

Festive Season Scam Alert: फेस्टिव सीजन (Festive Season) में ऑनलाइन और ऑफलाइन शॉपिंग का क्रेज काफी बढ़ जाता है। इस दौरान ई-कॉमर्स कंपनियों से लेकर बैंक और कई दूसरे ब्रांड ग्राहकों को लुभाने के लिए आकर्षक ऑफर्स पेश करते हैं। इनमें फ्री गिफ्ट, शॉपिंग वाउचर, कैशबैक और भारी डिस्काउंट जैसे ऑफर शामिल होते हैं। हालांकि, इन ऑफर्स की आड़ में साइबर ठग भी लोगों को अपना निशाना बनाते हैं। वे फर्जी मैसेज, लिंक और वेबसाइट के जरिए लोगों की निजी और बैंकिंग जानकारी चुराने की कोशिश करते हैं। ऐसे में किसी भी ऑफर पर भरोसा करने से पहले उसकी असलियत जांचना जरूरी है। आइए जानते हैं ऐसे 5 तरीके, जिनसे आप फर्जी ऑफर की पहचान कर सकते हैं-

ऑफर देने वाली वेबसाइट का URL चेक करें

अगर आपको किसी अनजान वेबसाइट या लिंक के जरिए फ्री गिफ्ट या शॉपिंग वाउचर का ऑफर मिलता है, तो तुरंत उस पर क्लिक न करें। सबसे पहले वेबसाइट का यूआरएल ध्यान से देखें। कई बार स्कैमर्स असली ब्रांड से मिलते-जुलते नाम और स्पेलिंग वाली फर्जी वेबसाइट बनाते हैं। हमेशा ब्रांड की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप पर जाकर ऑफर को वेरिफाई करें।

जरूरत से ज्यादा आकर्षक ऑफर से रहें सावधान

अगर कोई कंपनी बिना किसी शर्त के महंगे गिफ्ट, 90-100 प्रतिशत डिस्काउंट या हजारों रुपये के शॉपिंग वाउचर देने का दावा कर रही है, तो सतर्क हो जाएं। ऐसे ऑफर्स के जरिए लोगों को जल्दबाजी में फैसला लेने के लिए उकसाया जाता है। किसी भी ऑफर की वास्तविकता कंपनी के आधिकारिक प्लेटफॉर्म पर जरूर जांचें।

पर्सनल और बैंकिंग डिटेल्स न करें शेयर

फ्री गिफ्ट या वाउचर पाने के लिए अगर कोई आपसे बैंक अकाउंट नंबर, कार्ड डिटेल्स, CVV, पासवर्ड या OTP मांगता है, तो ऐसी जानकारी बिल्कुल शेयर न करें। असली कंपनियां गिफ्ट देने के नाम पर आपके OTP या UPI PIN की मांग नहीं करतीं।

अनजान नंबर से आए मैसेज पर न करें भरोसा

कई बार स्कैमर्स WhatsApp, SMS और ईमेल के जरिए फर्जी ऑफर भेजते हैं। इनमें किसी लिंक पर क्लिक कर रजिस्ट्रेशन करने या मैसेज को आगे फॉरवर्ड करने के लिए कहा जाता है। ऐसे अनजान मैसेज को बिना जांचे न खोलें और न ही किसी के साथ शेयर करें।

ऑफर की शर्तों और समय-सीमा को समझें

किसी भी ऑफर को स्वीकार करने से पहले उसकी नियम एवं शर्तें जरूर पढ़ें। अगर ऑफर में जल्दबाजी करने का दबाव बनाया जा रहा है या रजिस्ट्रेशन के नाम पर पैसे मांगे जा रहे हैं, तो सावधान हो जाएं। संदेह होने पर कंपनी के आधिकारिक कस्टमर केयर से संपर्क करें।

Shivani Kotnala
शिवानी कोटनालाauthor

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने बिजनेस और टेक से जुड़ी खबरों पर काम किया है। यूटीलिटी, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग से जुड़ी खबरों पर वह लगातार लिख रही हैं। शिवानी ने डिजिटल के साथ-साथ न्यूज एजेंसी में भी काम किया है।

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