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AI Stocks में तबाही! 1 महीने में निवेशकों को $5 ट्रिलियन का नुकसान

AI स्टॉक्स को लेकर तमाम एक्सपर्ट लंबे समय से क्रैश की बातें कर रहे हैं। अब उनके ये अनुमान सही साबित होते दिख रहे हैं। महज 1 महीने में एआई स्टॉक्स में 5 लाख करोड़ डॉलर की बिकवाली हुई है।

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एआई स्टॉक्स में बड़ी तबाही

AI Stocks Crash : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की जिस दौड़ ने दुनिया की टेक कंपनियों को शेयर बाजार का सुपरस्टार बना दिया था, अब उसी AI कारोबार पर निवेशकों का भरोसा डगमगाने लगा है।

अक्टूबर में दुनिया की दिग्गज AI और सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों में ऐसी बिकवाली हुई कि करीब 5 ट्रिलियन डॉलर यानी लगभग ₹475 लाख करोड़ की मार्केट वैल्यू साफ हो गई।

Nvidia और Alphabet जैसी कंपनियों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ा। वहीं, Intel का शेयर एक ही दिन में करीब 29% टूट गया। सवाल है कि जिस AI को भविष्य की सबसे बड़ी कमाई का जरिया बताया जा रहा था, उसके शेयरों में अचानक इतनी बड़ी गिरावट क्यों आई?

Nvidia और Alphabet सबसे बड़े लूजर

अक्टूबर में अमेरिकी बाजार में AI और चिप कंपनियों ने करीब 5 ट्रिलियन डॉलर की मार्केट वैल्यू गंवाई है। इनमें Nvidia और Alphabet टॉप लूजर हैं। दोनों के मार्केट कैप में करीब 834-834 अरब डॉलर की कमी आई। वहीं, Intel ने लगभग 247 अरब डॉलर, TSMC ने 395 अरब डॉलर और SK Hynix ने 244 अरब डॉलर की वैल्यू गंवाई।

कंपनीमार्केट वैल्यू में कमी (अरब डॉलर)डॉलर में नुकसान
Nvidia834$834 अरब
Alphabet (Google)834$834 अरब
TSMC395$395 अरब
Intel247$247 अरब
SK Hynix244$244 अरब
इन 5 कंपनियों का कुल2,554$2.554 ट्रिलियन
अन्य AI और सेमीकंडक्टर शेयरों का शेष अंतर*2,446$2.446 ट्रिलियन
कुल गिरावट5,000$5 ट्रिलियन

क्यों धराशायी हो रहे दिग्गज?

इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह AI पर लगातार बढ़ता निवेश और उससे होने वाली कमाई को लेकर अनिश्चितता है। बड़ी टेक कंपनियां डेटा सेंटर, सर्वर और महंगे AI चिप्स पर अरबों डॉलर खर्च कर रही हैं। लेकिन निवेशक अब सवाल पूछ रहे हैं कि इस भारी निवेश से वास्तविक मुनाफा कब और कितना मिलेगा।

गूगल को क्यों लगा झटका?

गूगल की पेरेंट कंपनी Alphabet के तिमाही के नतीजों के बाद 29 अक्टूबर को उसके शेयर करीब 12.6% टूट गए। कंपनी का फ्री कैश फ्लो करीब 9 अरब डॉलर के घाटे में पहुंच गया। Amazon का भी तीसरी तिमाही में फ्री कैश फ्लो 42.4 अरब डॉलर नेगेटिव रहा। इससे AI कारोबार में निवेश की लागत और नकदी पर पड़ रहे दबाव को लेकर चिंता बढ़ी।

Intel में एक दिन में 29% गिरावट

बिकवाली को तेज करने में Intel के कमजोर आउटलुक ने भी भूमिका निभाई। 30 अक्टूबर को कंपनी का शेयर 28.58% टूट गया। यह 52 साल में उसकी सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट थी। Intel ने चौथी तिमाही के लिए 15-16 अरब डॉलर के रेवेन्यू का अनुमान दिया, जबकि बाजार को 17 अरब डॉलर की उम्मीद थी।

कंपनी के मुताबिक, AI डेटा सेंटर में मेमोरी चिप्स की भारी मांग से उनकी कीमतें बढ़ रही हैं। इससे PC बनाने की लागत बढ़ रही है और मांग प्रभावित हो रही है। Intel को इस साल PC शिपमेंट में 12% गिरावट का अनुमान है।

कर्ज और क्रेडिट रिस्क ने भी डराया

AI Infrastructure पर बढ़ते खर्च के साथ कंपनियों की वित्तीय सेहत को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। S&P ने Meta की क्रेडिट रेटिंग का आउटलुक Stable से घटाकर Negative कर दिया, हालांकि रेटिंग AA- पर बरकरार रही। इससे निवेशकों की चिंता बढ़ी कि AI पर भारी पूंजी लगाने का दबाव कंपनियों के कैश फ्लो और कर्ज चुकाने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है।

क्या AI की कहानी खत्म हो गई?

दिलचस्प बात यह है कि AI शेयरों की बिकवाली के बावजूद अमेरिकी बाजार के बाकी 625 बड़े शेयरों की कुल मार्केट वैल्यू करीब 1.3 ट्रिलियन डॉलर बढ़ी। यानी दबाव पूरे बाजार में नहीं, बल्कि मुख्य रूप से AI और सेमीकंडक्टर कंपनियों में था। अब बाजार की नजर Apple, AMD, Qualcomm, Arm और Nvidia के नतीजों पर है। साफ है कि निवेशक अब केवल AI की संभावनाओं पर दांव नहीं लगा रहे।

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    Yateendra Lawaniya
    यतींद्र लवानियाauthor

    प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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