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शेयर बाजार बना रॉकेट लेकिन रुपया धड़ाम, इंडियन करेंसी में क्यों आई गिरावट और जानें ताजा भाव?

शेयर बाजार की तेजी और कच्चे तेल की गिरावट से भी रुपये को सपोर्ट नहीं मिला है। आज डॉलर के सामने रुपये में बड़ी गिरावट है।

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रुपया लुढ़का

भारतीय शेयर बाजार में हफ्ते के पहले कारोबारी दिन शानदार तेजी देखने को मिल रही है। सेंसेक्स 1000 अंक से अधिक उछलकर लंबे समय बाद 75000 के पार निकल गया है। हालांकि, इसका असर रुपये पर दिखाई नहीं दे रहा है। कच्चे तेल की कीमत में गिरावट के बाद आज रुपया टूटा है। शुरुआती कारोबार में रुपया 21 पैसे की गिरावट के साथ अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.97 पर पहुंच गया। विदेशी बाजारों में अमेरिकी डॉलर की बढ़ती मांग से घरेलू मुद्रा पर दबाव है। विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि हालांकि घरेलू बाजारों में तेजी और कच्चे तेल की कीमतों में थोड़ी नरमी से रुपये को निचले स्तर पर थोड़ा समर्थन मिला।

डॉलर इंडेक्स में मजबूती

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 94.90 प्रति डॉलर पर खुला। फिर लुढ़ककर 94.97 प्रति डॉलर पर पहुंच गया जो पिछले बंद भाव से 21 पैसे की गिरावट है। रुपया शुक्रवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.76 पर बंद हुआ था। इस बीच, दुनिया की छह मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी मुद्रा की स्थिति दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.07 प्रतिशत की बढ़त के साथ 109.95 पर पहुंच गया।

कच्चे तेल में बड़ी गिरावट

अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट कच्चा तेल का भाव वायदा कारोबार में 3.07 प्रतिशत फिसलकर 109.95 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को शुद्ध रूप से 3,598.54 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

शुक्रवार को जारी RBI के आंकड़ों के अनुसार, 30 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 1.269 अरब अमेरिकी डॉलर घटकर 719.748 अरब अमेरिकी डॉलर रह गया। इससे पहले, 16 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में कुल विदेशी मुद्रा भंडार 5.011 अरब अमेरिकी डॉलर घटकर 721.016 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया था। एक्सचेंज के आंकड़ों के मुताबिक, शुक्रवार को विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) शुद्ध खरीदार रहे और उन्होंने 3,598.54 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर खरीदे।

Alok Kumar
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

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