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New Jobs: इस क्षेत्र में 1 करोड़ से ज्यादा लोगों को मिलेगा नौकरी का मौका, रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा

आने वाले वर्षों में भारत की इलेक्ट्रॉनिक इंडस्ट्री 5 से 30 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) के साथ 1.2 करोड़ रोजगार के अवसर पैदा करेगी। 1 करोड़ प्रशिक्षित पेशेवरों की भारी कमी के इस अंतर को पाटने की तत्काल आवश्यकता है। इस अंतर को पाटने के लिए कौशल विकास पर मजबूत ध्यान देने की आवश्यकता है।

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इस क्षेत्र में 1 करोड़ से ज्यादा लोगों को मिलेगा नौकरी का मौका, रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा

Photo : iStock

New Job Opportunities: भारत की इलेक्ट्रॉनिक इंडस्ट्री काफी तेजी से बढ़ रही है और यह 25 से 30 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) के साथ आने वाले वर्षों में 1.2 करोड़ रोजगार के अवसर पैदा करेगी। यह जानकारी सोमवार को जारी की गई एक रिपोर्ट में दी गई। टीमलीज डिग्री अप्रेंटिसशिप द्वारा जारी की गई रिपोर्ट में कहा गया कि इन 1.2 करोड़ नौकरियों में से 30 लाख प्रत्यक्ष और 90 लाख अप्रत्यक्ष नौकरियां पैदा होंगी।

2030 तक 500 अरब डॉलर का हब

रिपोर्ट में आगे कहा गया कि इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में भारत के विकास को बनाए रखने और बढ़ाने के लिए 1 करोड़ प्रशिक्षित पेशेवरों की भारी कमी के इस अंतर को पाटने की तत्काल आवश्यकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन 2030 तक देश को 500 अरब डॉलर का इलेक्ट्रिक मैन्युफैक्चरिंग का हब बनाने के लक्ष्य के कारण भारत की इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री तेजी से बढ़ रही है।

इलेक्ट्रॉनिक्स में विश्व गुरु

रिपोर्ट में आगे बताया गया कि जैसे-जैसे इंडस्ट्री संचार और प्रसारण इलेक्ट्रॉनिक्स, उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स, औद्योगिक इलेक्ट्रॉनिक्स और एयरोस्पेस और रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों में विविधता ला रही है, विशेष कौशल की मांग बढ़ गई है। भारत इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग में वैश्विक लीडर बनने की तरफ तेजी से बढ़ रहा है। वित्त वर्ष 23 में घरेलू इलेक्ट्रॉनिक उत्पादन 101 अरब डॉलर रहा था। इसमें मोबाइल फोन का 43 प्रतिशत, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स का 12 प्रतिशत, इंडस्ट्रीयल इलेक्ट्रॉनिक्स का 12 प्रतिशत और ऑटो इलेक्ट्रॉनिक्स का 8 प्रतिशत योगदान है।

इस वजह से बढ़ी मैन्युफैक्चरिंग

टीमलीज डिग्री अप्रेंटिसशिप के सीईओ ए.आर. रमेश ने कहा, "वित्त वर्ष 2027-28 तक इंडस्ट्री को 1.2 करोड़ पेशेवरों की आवश्यकता होगी। इसमें 30 लाख प्रत्यक्ष नौकरियां और 90 लाख अप्रत्यक्ष नौकरियां होंगी। फिर भी 1 करोड़ का चौंका देने वाला कौशल अंतर बना हुआ है। इस अंतर को पाटने के लिए कौशल विकास पर मजबूत ध्यान देने की आवश्यकता है। मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाने के लिए शुरू की गई पीएलआई योजना जैसी नीतियों ने इलेक्ट्रॉनिक्स सहित 14 प्रमुख क्षेत्रों में 1.97 लाख करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित किया है और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए शुरू किए गए एम्प्लॉयमेंट लिंक्ड इंसेंटिव (ईएलआई) ने एक मजबूत आधार तैयार किया है।

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पवन कुमार मिश्रा Timesnowhindi.com के साथ फरवरी 2024 से बतौर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में जुड़े हैं। जन्म दिल्ली में हुआ और शिक्षा भी यहीं से पूरी की है। कारों से खास प्रेम है और ऑटोमोबाइल जगत से संबंधित हर छोटी-बड़ी अपडेट पर अपनी नजर रखते हैं और लोगों को गाड़ियों से संबंधित आवश्यक जानकारी प्रदान करते हैं। इसके साथ ही लोगों की आम समस्याओं और समस्याओं के समाधान के बारे में यूटिलिटी सेक्शन में भी लिखते हैं। संगीत में काफी रूचि है और व्यस्त न होने पर गाने गुनगुनाते या सुनते हुए नजर आते हैं। घूमने का भी काफी शौक है और प्रकृति से काफी लगाव भी। रामजस कॉलेज से हिंदी साहित्य में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है और इससे पहले बिजनेसवर्ल्ड हिंदी में बतौर सब-एडिटर भी काम कर चुके हैं। पिछले 3.5 सालों से मीडिया इंडस्ट्री में मौजूद हैं।

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