भारतीय शेयर बाजार में 1 सितंबर का कारोबारी दिन हल्की गिरावट और भारी उतार-चढ़ाव के साथ बंद हुआ। दिनभर के उतार-चढ़ाव के बाद मुख्य सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही लाल निशान पर बंद हुए। कारोबार के अंत में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 12.99 अंक या 0.02 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 76,944.28 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं दूसरी ओर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 24.60 अंक या 0.10 प्रतिशत फिसलकर 24,055.80 के स्तर पर आ गया। बीएसई पर कुल 4,559 शेयरों में ट्रेडिंग हुई, जिनमें से 1,769 शेयरों में तेजी दर्ज की गई, जबकि 2,555 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए और 235 शेयरों की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ।
सबसे ज्यादा गिरावट कहां है?
कारोबार के दौरान सेक्टोरल परफॉर्मेंस की बात करें तो बाजार में सबसे ज्यादा दबाव बैंकिंग, ऑटो और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर के शेयरों में देखने को मिला। निफ्टी फार्मा इंडेक्स में सबसे ज्यादा 1.5% की बड़ी गिरावट आई, जबकि रियल्टी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर भी 1.4% तक टूट गए। ऑटो और पीएसयू बैंक इंडेक्स में 1.2% की बिकवाली दर्ज की गई, जिससे बैंक निफ्टी लगभग 1% नीचे गिर गया। दूसरी तरफ, एफएमसीजी (FMCG) और आईटी (IT) सेक्टर के शेयरों ने बाजार को सहारा देने की कोशिश की और दोनों ही इंडेक्स 0.9% की बढ़त के साथ बंद हुए। इसके अलावा इंफ्रा, मीडिया और ऑयल एंड गैस सेक्टर भी 0.3% के हल्के हरे निशान पर बंद होने में कामयाब रहे।
टॉप लूजर्स स्टॉक कौन से हैं?
अगर व्यक्तिगत शेयरों के प्रदर्शन पर नजर डालें तो निफ्टी के टॉप लूजर्स (गिरावट वाले शेयरों) में श्रीराम फाइनेंस, मारुति सुजुकी, नेस्ले, इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो) और मैक्स हेल्थकेयर प्रमुख रूप से शामिल रहे। खासकर ऑटो सेक्टर की दिग्गज कंपनी मारुति सुजुकी में 5% की भारी गिरावट दर्ज की गई। वहीं दूसरी ओर, बिकवाली के इस माहौल में भी आईटीसी (ITC), अडानी पोर्ट्स, भारती एयरटेल, एचसीएल टेक (HCL Tech) और ओएनजीसी (ONGC) के शेयरों ने शानदार प्रदर्शन किया और मजबूती के साथ हरे निशान में बंद हुए। हालांकि, मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी क्रमशः 1.4% और 0.2% की बिकवाली देखने को मिली।
क्यों आई गिरावट?
बाजार में आई इस गिरावट के पीछे कई वैश्विक और तकनीकी कारण जिम्मेदार रहे। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से क्रूड ऑयल सप्लाई प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है, जिससे तेल की कीमतें लगातार चढ़ रही हैं। इसके अलावा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और एक्सिस बैंक जैसे दिग्गजों में हुई भारी बिकवाली ने बैंकिंग इंडेक्स पर दबाव बनाया। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय शेयर बाजार में दोबारा तेजी का ट्रेंड वापस लाने के लिए निफ्टी को 24,150 के महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस लेवल के ऊपर टिकना होगा।
