Economic Survey 2026: अटल पेंशन योजना से लेकर NPS को लेकर दी गई इकोनॉमिक सर्वे में अहम जानकारी, इंश्योरेंस का भी दायरा बढ़ा
- Authored by: रिचा त्रिपाठी
- Updated Jan 29, 2026, 01:12 PM IST
Economic Survey 2026: इकोनॉमिक सर्वे 2026 में अटल पेंशन योजना (APY), नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) और इंश्योरेंस सेक्टर के विस्तार की तस्वीर साफ तौर पर दिखाई देती है। सर्वे के आंकड़े बताते हैं कि बीते कुछ वर्षों में पेंशन और बीमा योजनाओं के दायरे में तेज़ी से बढ़ोतरी हुई है और ज्यादा से ज्यादा लोग इन योजनाओं से जुड़ रहे हैं।
Economic Survey 2026 Insurance.
भारत की अर्थव्यवस्था की एनुअल रिपोर्ट बताने वाला आर्थिक सर्वेक्षण 2026 आज संसद में पेश किया गया। बजट 2026 से पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दोपहर 12 बजे लोकसभा में वित्त वर्ष 2026 से जुड़ा जरुरी डॉक्यूमेंट पेश किया। आर्थिक सर्वेक्षण में सरकार की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को लेकर कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। इसमें अटल पेंशन योजना (APY), नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) और इंश्योरेंस सेक्टर के विस्तार की तस्वीर साफ तौर पर दिखाई देती है। सर्वे के आंकड़े बताते हैं कि बीते कुछ वर्षों में पेंशन और बीमा योजनाओं के दायरे में तेज़ी से बढ़ोतरी हुई है और ज्यादा से ज्यादा लोग इन योजनाओं से जुड़ रहे हैं।
एक साल में ढ़ाई गुना बढ़ा अटल पेंशन योजना
अटल पेंशन योजना की बात करें तो FY16 में इसके सब्सक्राइबर्स की संख्या करीब 24.6 लाख थी। वहीं FY25 तक यह आंकड़ा बढ़कर 64.13 लाख तक पहुंच गया है। इसका मतलब है कि पिछले करीब एक दशक में अटल पेंशन योजना के तहत नामांकन में ढाई गुना से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। यही नहीं, इस योजना के तहत जमा संपत्ति यानी AUM (Assets Under Management) भी FY16 में 0.5 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर FY25 में करीब 4.48 लाख करोड़ रुपये हो गई है। यह दिखाता है कि असंगठित क्षेत्र और कम आय वर्ग के लोग भी अब रिटायरमेंट प्लानिंग को लेकर ज्यादा जागरूक हो रहे हैं।
NPS में भी जबर्दस्त ग्रोथ
नेशनल पेंशन सिस्टम यानी NPS में भी जबरदस्त ग्रोथ देखने को मिली है। FY16 में जहां NPS सब्सक्राइबर्स की संख्या करीब 97.5 लाख थी, वहीं FY25 तक यह बढ़कर 198.6 लाख तक पहुंच गई है। यानी लगभग दोगुनी बढ़ोतरी। NPS के तहत AUM भी FY16 में 18.3 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर FY25 में करीब 139.7 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। यह साफ संकेत है कि निजी क्षेत्र के कर्मचारी, सरकारी कर्मचारी और स्वरोजगार करने वाले लोग भी NPS को लंबी अवधि के निवेश और पेंशन विकल्प के तौर पर अपना रहे हैं।
तेजी से बढ़ रहे इंश्योरेंस
आर्थिक सर्वे में इंश्योरेंस सेक्टर के विस्तार को भी प्रमुखता से दिखाया गया है। FY21 में लाइफ इंश्योरेंस का कुल प्रीमियम करीब 6.3 लाख करोड़ रुपये था, जो FY25 तक बढ़कर 8.9 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। वहीं नॉन-लाइफ इंश्योरेंस का प्रीमियम भी FY21 के 2.0 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर FY25 में 3.1 लाख करोड़ रुपये हो गया है। इससे साफ है कि लोग अब सिर्फ जीवन बीमा ही नहीं, बल्कि हेल्थ, मोटर और अन्य नॉन-लाइफ इंश्योरेंस को भी गंभीरता से लेने लगे हैं।
आर्थिक सर्वे के मुताबिक FY25 में इंश्योरेंस सेक्टर का कुल AUM करीब 77.4 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इसके साथ ही इंश्योरेंस कंपनियों के जरिए मिलने वाले फायदे भी बढ़े हैं, जहां FY25 में कुल 6.3 लाख करोड़ रुपये के क्लेम और बेनिफिट्स दिए गए। यह आंकड़ा दिखाता है कि बीमा अब सिर्फ कागज़ी सुरक्षा नहीं, बल्कि जरूरत के समय लोगों के काम आ रहा है।
इंश्योरेंस कवरेज के विस्तार की बात करें तो FY21 में जहां कुल प्रीमियम आय 8.3 लाख करोड़ रुपये थी, वह FY25 में बढ़कर 11.9 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। साथ ही देश में बीमित जिलों की संख्या भी FY21 के 11 से बढ़कर FY25 में 17 हो गई है। इससे यह साफ होता है कि बीमा सेवाएं अब छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों तक भी तेजी से पहुंच रही हैं।
देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। बिज़नेस (Business News) अपडेट और आज का सोने का भाव (Gold Rate Today), आज की चांदी का रेट (Silver Rate Today) की ताजा समाचार के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से।