Dearness Allowance Hike: छत्तीसगढ़ और राजस्थान सरकारों ने अपने-अपने कर्मचारियों को लिए महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की। छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार ने महंगाई भत्ते (डीए) में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी। राज्य में अब डीए 38 प्रतिशत हो गया है। वहीं राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार ने पांचवें वेतन आयोग के तहत कर्मचारियों और पेंशनभोगियों महंगाई भत्ते की दर में बढ़ोतरी को मंजूरी दी गई है। अब महंगाई भत्ते की दर 396 प्रतिशत से बढ़कर 412 प्रतिशत हो जाएगी।
छत्तीसगढ़ में महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी
छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार ने गुरुवार को राज्य के कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते (डीए) में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी। राज्य में अब डीए 38 प्रतिशत हो गया है। राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि कैबिननेट की बैठक में छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के शासकीय कर्मचारियों को बड़ी सौगात देते हुए महंगाई भत्ते (डीए) में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इससे राज्य सरकार को प्रतिवर्ष 1000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा। उन्होंने बताया कि सरकार के इस फैसले से राज्य के लगभग 3.80 लाख कर्मचारियों को लाभ होगा। अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार ने पिछले साल अक्टूबर में सरकारी कर्मचारियों के डीए में पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी की थी, जिसके बाद उन्हें 33 प्रतिशत डीए मिल रहा था। उन्होंने कहा कि डीए को अब 5 प्रतिशत और बढ़ाकर 38 प्रतिशत कर दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि शासकीय कर्मचारियों को एक और सौगात देते हुए राज्य सरकार ने पूर्ण पेंशन की पात्रता अवधि को 33 वर्ष से घटाकर 30 वर्ष कर दिया है। साथ ही स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए सेवा की अवधि को 20 वर्ष से घटाकर 17 वर्ष कर दिया गया है।
राजस्थान में महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी
राजस्थान में पांचवें वेतन आयोग के तहत कार्यरत कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को जनवरी 2023 से बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता (डीए) मिलेगा। एक आधिकारिक बयान के अनुसार मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस संबंध में प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। प्रस्ताव के अनुसार पांचवें वेतन आयोग और राजस्थान सिविल सेवा (संशोधित वेतन) नियम, 1998 के तहत कार्यरत राज्य कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते की दर में बढ़ोतरी को मंजूरी दी गई है। बयान के अनुसार, पहली जनवरी 2023 से ऐसे राज्य कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को महंगाई भत्ते की दर 396 प्रतिशत से बढ़कर 412 प्रतिशत हो जाएगी। जनवरी, 2023 से मार्च, 2023 तक की राशि संबंधित कर्मचारियों के सामान्य भविष्य निधि खाते में जमा की जायेगी। जबकि पेंशनभोगियों को बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता नकद मिलेगा। इसके लिए वित्त विभाग के प्रस्ताव को मुख्यमंत्री गहलोत ने मंजूरी दे दी है। बयान में कहा गया है कि मुख्यमंत्री के इस फैसले से पांचवें वेतन आयोग के तहत काम करने वाले कर्मियों और पेंशनभोगियों को फायदा होगा।
