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क्या Credit Score चेक करने से Loan मिलना सच में हो जाता है मुश्किल? समझें हार्ड और सॉफ्ट इंक्वायरी का पूरा खेल

क्या आप जानते हैं बार-बार क्रेडिट स्कोर चेक करने से भविष्य में लोन मिलने में परेशानी आ सकती है। जी हां, इसके लिए आपको हार्ड और सॉफ्ट एन्क्वायरी के पूरे खेल को समझना होगा।

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क्रेडिट स्कोर (Photo: iStock)

आज के समय में होम लोन, कार लोन या क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करते समय क्रेडिट स्कोर (Credit Score) की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो गई है। बैंक और वित्तीय संस्थान किसी भी ग्राहक को लोन देने से पहले उसकी क्रेडिट हिस्ट्री और स्कोर की जांच करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि क्रेडिट स्कोर चेक करने का भी आपकी लोन पात्रता पर असर पड़ सकता है। जी हां, इंक्वायरी का तरीका आपके लोन की एलिजिबिलिटी को प्रभावित कर सकता है। आइए समझते हैं कैसे-

सबसे पहले तो यही समझें कि क्रेडिट स्कोर को दो तरीकों से चेक किया जाता है- पहला सॉफ्ट इंक्वायरी और दूसरा हार्ड इंक्वायरी। अब समझते हैं कि Soft Inquiry और Hard Inquiry क्या होती है-

क्या होती है Soft Inquiry?

सॉफ्ट इंक्वायरी तब होती है जब आप खुद अपना क्रेडिट स्कोर चेक करते हैं या कोई संस्था आपकी क्रेडिट प्रोफाइल की सामान्य समीक्षा करती है। उदाहरण के लिए अगर आप किसी क्रेडिट ब्यूरो या बैंक की वेबसाइट पर जाकर अपना क्रेडिट स्कोर देखते हैं,तो इसे सॉफ्ट इंक्वायरी माना जाता है।

सॉफ्ट इंक्वायरी का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसका आपके क्रेडिट स्कोर पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता। यानी आप जितनी बार चाहें अपना क्रेडिट स्कोर चेक कर सकते हैं और इससे आपकी लोन पात्रता प्रभावित नहीं होगी। विशेषज्ञ भी समय-समय पर अपना क्रेडिट स्कोर देखने की सलाह देते हैं ताकि किसी गलती या अनधिकृत गतिविधि का पता लगाया जा सके।

लेकिन वहीं, क्रेडिट स्कोर को चेक करने का तरीका जब हार्ड इंक्वायरी में बदल जाती है तो यहां पूरा खेल ही पलट जाता है।

क्या होती है Hard Inquiry?

हार्ड इंक्वायरी तब होती है जब आप किसी बैंक या वित्तीय संस्था के पास लोन, क्रेडिट कार्ड या अन्य क्रेडिट सुविधा के लिए आवेदन करते हैं। ऐसे मामलों में बैंक आपकी क्रेडिट रिपोर्ट को विस्तार से जांचता है ताकि आपकी भुगतान क्षमता और जोखिम का आकलन किया जा सके। यह जांच आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में दर्ज होती है और कुछ मामलों में आपके क्रेडिट स्कोर पर हल्का असर डाल सकती है। आमतौर पर एक-दो हार्ड इंक्वायरी से ज्यादा फर्क नहीं पड़ता, लेकिन अगर कम समय में कई बैंकों या संस्थानों में लगातार आवेदन किए जाएं, तो यह संकेत दे सकता है कि आपको तत्काल क्रेडिट की जरूरत है। इससे लोन मंजूरी की संभावना प्रभावित हो सकती है।

बार-बार लोन आवेदन करना क्यों नुकसानदायक हो सकता है?

अगर कोई व्यक्ति कुछ ही महीनों के भीतर कई लोन या क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करता है, तो उसकी क्रेडिट रिपोर्ट में कई Hard Inquiry दर्ज हो जाती हैं। बैंक इसे जोखिम के रूप में देख सकते हैं और यह मान सकते हैं कि ग्राहक पर वित्तीय दबाव है। ऐसी स्थिति में लोन स्वीकृति मुश्किल हो सकती है या कम अनुकूल शर्तों पर लोन मिल सकता है।

लोन एलिजिबिलिटी पर कैसे पड़ता है असर?

सॉफ्ट इंक्वायरी का आपकी Loan Eligibility पर कोई असर नहीं पड़ता। वहीं हार्ड इंक्वायरी सीधे आपके स्कोर को बहुत ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचाती, लेकिन अत्यधिक हार्ड इंक्वायरी भविष्य के लोन आवेदन पर प्रभाव डाल सकती हैं। इसलिए नए क्रेडिट प्रोडक्ट के लिए आवेदन करने से पहले अपनी आवश्यकता का सही आकलन करना जरूरी है।

Shivani Kotnala
शिवानी कोटनालाauthor

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने बिजनेस और टेक से जुड़ी खबरों पर काम किया है। यूटीलिटी, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग से जुड़ी खबरों पर वह लगातार लिख रही हैं। शिवानी ने डिजिटल के साथ-साथ न्यूज एजेंसी में भी काम किया है।

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