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जापान में भारतीय शूटिंग टीम की बेइज्जती! कोच को बस से उतरने को कहा गया, शूटर करते रह गए इंतजार

एशियन गेम्स में भारत के शूटिंग दल को लगातार ट्रांसपोर्ट की दिक्कतों का सामना करना पड़ा रहा है। बसों में बहुत भीड़ होने के चलते कोच को उतरने के लिए कहा। इसके चलते कोच देर से आए और एंट्री के लिए लंबी लाइन में फंसे रहे, जिससे रेंज में ट्रेनिंग और तैयारी में दिक्कत हुई।

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जापान में भारतीय शूटिंग टीम अव्यवस्था से परेशान। फोटो- PTI

करिश्मा सिंह, आईची-नागोया। एशियन गेम्स 2026 के लिए जापान में भारतीय शूटर्स का अनुभव अच्छा नहीं रहा है। जापान पहुंचने के बाद से टीम को कई लॉजिस्टिक और रहने की दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। शूटिंग टीम को बस के आने के लिए एयरपोर्ट पर घंटों इंतजार करना पड़ा और फिर उन्हें उस होटल में शिफ्ट कर दिया गया जहां उन्हें रुकना नहीं था। शुरुआती अफरा-तफरी के बाद टीम इंडिया के लिए दिक्कतें खत्म नहीं हुईं। शूटिंग टीम को ट्रेनिंग के लिए रेंज तक जाते समय ट्रांसपोर्ट की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

18 और 19 सितंबर को एक एक्स्ट्रा बस दी गई, लेकिन पूरी टीम फिर भी ट्रेनिंग के लिए एक साथ रेंज नहीं जा पाई। 20 सितंबर को हालात और खराब हो गए, जब शूटर्स और कोच के लिए काफी सीटें नहीं थीं। खबर है कि कुछ कोच को बस से उतरने के लिए कहा गया, जिससे शूटर्स अपनी ट्रेनिंग और तैयारी शुरू करने से पहले अपने कोच का इंतजार करते रहे।

सफर में लग रहे दो घंटे से ज्यादा

21 सितंबर को भी दिक्कतें जारी रहीं। वेन्यू पर लंबी लाइन होने की वजह से इंडियन शूटिंग टीम करीब 20 मिनट तक बस के अंदर ही रही। ऑर्गनाइजर ने एवरेज ट्रैवल टाइम करीब 80 मिनट होने का अंदाजा लगाया था, लेकिन अब सफर में दो घंटे से ज्यादा लग रहे हैं, जिससे शूटर्स के ट्रेनिंग शेड्यूल और तैयारियों में रुकावट आ रही है।

एशियाई खेलों में भारतीय निशानेबाजों का जलवा

कई असफलताओं के बावजूद भारतीय शूटर्स ने एशियन गेम्स 2026 में अच्छा प्रदर्शन किया है। अब तक कुल पांच मेडल जीते हैं। एलावेनिल वलारिवन, सोनम मस्कर और विनोद ने 10 m एयर राइफल इवेंट में सिल्वर मेडल जीता। इसके बादएलावेनिल वलारिवन ने महिलाओं की सिंगल 10 m एयर राइफल में एक और सिल्वर मेडल जीता।

सोमवार को पदकों की संख्या में इजाफा हुआ। मेंस टीम ने रुद्राक्ष पाटिल, हिमांशु ढिल्लों और पार्थ माने की तिकड़ी ने कुल 1890.1 पॉइंट्स हासिल करके दूसरा स्थान हासिल किया और सिल्वर मेडल जीता। इसके बाद 10 मीटर की व्यक्तिगत स्पर्धा में हिमांशु ढिल्लों ने सिल्वर मेडल और रुद्राक्ष ने ब्रॉन्ज मेडल जीता।

Umesh Kumar
उमेश कुमारauthor

उमेश कुमार पत्रकारिता में पिछले 7 वर्षों से सक्रिय हैं। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से करने के बाद उन्होंने डिजिटल मीडिया में बतौर स्पोर्ट्स राइटर अपनी मजबूत पहचान बनाई। उमेश ने अमर उजाला (प्रिंट), ईटीवी भारत (हैदराबाद), दैनिक भास्कर और दैनिक जागरण जैसे संस्थानों के साथ काम किया है। उमेश ने क्रिकेट की कई बायलेटरल सीरीज, आईपीएल, वर्ल्ड कप, प्रो कबड्डी लीग, फीफा वर्ल्ड कप, हॉकी वर्ल्ड कप और ओलंपिक जैसे बड़े राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को कवर किया है। खेलों की गहरी समझ और डेटा-ड्रिवन स्टोरीटेलिंग उनकी लेखनी की खासियत है।

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