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Cooking Oil Price: होली से पहले तेल-तिलहन बाजार में सुस्ती, सरसों में गिरावट, जानें रेट

Cooking Oil Price: होली के चलते बाजार में कारोबार धीमा रहा। देश के तेल-तिलहन बाजार में मूंगफली, सोयाबीन, कच्चा पाम तेल (सीपीओ) और पामोलीन के दाम स्थिर रहे। होली के बाद आवक बढ़ने की उम्मीद से सरसों के भाव गिर गए, जबकि हल्की मांग बढ़ने से बिनौला तेल की कीमतों में सुधार देखा गया।

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अधिकांश तेल-तिलहन के दाम स्थिर, जानें डिटेल (तस्वीर-istock)

Photo : iStock

Cooking Oil Price: होली के त्योहार की वजह से देश के तेल-तिलहन बाजार में शुक्रवार को कारोबार काफी धीमा रहा। बाजार में ज्यादातर तेल और तिलहन के दाम स्थिर रहे। खासकर मूंगफली, सोयाबीन, कच्चा पाम तेल (सीपीओ) और पामोलीन तेल की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं देखा गया। कारोबारियों का कहना है कि त्योहार से पहले जितनी खरीदारी होनी थी, वह पहले ही हो चुकी थी। इसलिए शुक्रवार को बाजार में न तो ज्यादा खरीदारी हुई और न ही ज्यादा बिकवाली। यही कारण है कि दाम लगभग पहले जैसे ही बने रहे।

सरसों पर दबाव, दाम में आई गिरावट

बाजार सूत्रों के मुताबिक, होली के बाद सरसों की नई फसल की आवक बढ़ने की संभावना है। यानी मंडियों में सरसों ज्यादा मात्रा में आने वाली है। जब बाजार में किसी वस्तु की आपूर्ति बढ़ती है तो उसके दाम पर दबाव बनता है। यही वजह है कि सरसों के दाम में गिरावट दर्ज की गई। सरसों तेल और सरसों तिलहन दोनों में कमजोरी देखी गई। व्यापारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में अगर आवक उम्मीद से ज्यादा रही तो दाम में और नरमी आ सकती है।

बिनौला तेल में सुधार

जहां एक ओर ज्यादातर तेल-तिलहन के दाम स्थिर रहे, वहीं बिनौला तेल की कीमतों में हल्का सुधार देखने को मिला। बाजार में इसकी मांग निकलने से इसके दाम बढ़े। हालांकि यह बढ़ोतरी बहुत ज्यादा नहीं थी, लेकिन सुस्त बाजार में इसे सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। व्यापारियों का कहना है कि अगर मांग बनी रहती है तो आगे भी बिनौला तेल के दाम में मजबूती आ सकती है।

विदेशी बाजारों का मिला-जुला असर

अंतरराष्ट्रीय बाजारों की बात करें तो मलेशिया एक्सचेंज दोपहर करीब साढ़े तीन बजे सुधार के साथ बंद हुआ। वहीं शिकॉगो एक्सचेंज में भी मजबूती का रुख बना रहा। विदेशी बाजारों में सुधार का असर आमतौर पर घरेलू बाजार पर भी पड़ता है, लेकिन फिलहाल होली की सुस्ती के कारण इसका खास प्रभाव नहीं दिखा। कारोबारियों का कहना है कि त्योहार के बाद जब बाजार में सामान्य कारोबार शुरू होगा, तब अंतरराष्ट्रीय संकेतों का असर ज्यादा साफ दिखाई देगा।

तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे

तेल-तिलहनकीमतयूनिट
सरसों तिलहन6,375–6,400 रुपयेप्रति क्विंटल
मूंगफली6,950–7,425 रुपयेप्रति क्विंटल
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात)17,000 रुपयेप्रति क्विंटल
मूंगफली रिफाइंड तेल2,675–2,975 रुपयेप्रति टिन
सरसों तेल दादरी13,150 रुपयेप्रति क्विंटल
सरसों पक्की घानी2,245–2,345 रुपयेप्रति टिन
सरसों कच्ची घानी2,245–2,390 रुपयेप्रति टिन
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली14,200 रुपयेप्रति क्विंटल
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर13,850 रुपयेप्रति क्विंटल
सोयाबीन तेल डीगम, कांडला11,100 रुपयेप्रति क्विंटल
सीपीओ एक्स-कांडला11,600 रुपयेप्रति क्विंटल
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)12,950 रुपयेप्रति क्विंटल
पामोलिन आरबीडी, दिल्ली13,400 रुपयेप्रति क्विंटल
पामोलिन एक्स-कांडला (बिना जीएसटी)12,250 रुपयेप्रति क्विंटल
सोयाबीन दाना5,325–5,375 रुपयेप्रति क्विंटल
सोयाबीन लूज4,925–4,975 रुपयेप्रति क्विंटल

कुल मिलाकर, होली के कारण घरेलू तेल-तिलहन बाजार में कारोबार सीमित रहा। अधिकांश तेलों के दाम स्थिर रहे, सरसों में गिरावट आई और बिनौला तेल में हल्का सुधार दर्ज हुआ। अब बाजार की नजर होली के बाद की आवक और मांग पर टिकी है, जिससे आगे की दिशा तय होगी।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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