नई दिल्ली। देश में कोरोना के मामले (Corona Cases in India) अब काफी ज्यादा कम हो चुके हैं। ऐसे में अब स्थिति दोबारा सामान्य हो गई है और कंपनियां अपने कर्मचारियों से दोबारा ऑफिस आकर काम करने के लिए आग्रह कर रही हैं। इस बीच कई कर्मचारी अब इस्तीफा दे रहे हैं। जी हां, जिन कंपनियों ने कर्मचारियों के लिए घर से काम (Work From Home) करने के मॉडल को खत्म कर उन्हें ऑफिस वापस आने को कहा, उन्हें बड़े पैमाने पर छंटनी का सामना करना पड़ रहा है। जिन कंपनियों ने सभी कर्मचारियों को ऑफिस वापस बुलाने का फरमान जारी किया, अगस्त में उन कंपनियों में कर्मचारियों के इस्तीफे 29 फीसदी बढ़ गए।
सर्वे में हुआ खुलासा
एक एचआर सॉल्यूशंस कंपनी Aon की ओर से किए गए सर्वे के अनुसार, अगस्त 2022 तक, 90 फीसदी से ज्यादा कंपनियों ने ऑफिस मोड से या तो पूरी तरह से या आंशिक रूप से काम करना शुरू कर दिया था, जबकि सिर्फ 9 फीसदी ने कर्मचारियों को घर से काम करने की अनुमति देना जारी रखा। इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी में, 38 फीसदी भारतीय कंपनियों के कर्मचारी घर से काम कर रहे थे।
वर्क फ्रॉम होम चाहते हैं कर्मचारी
कर्मचारी स्पष्ट रूप से घर से काम करना पसंद कर रहे हैं। सर्वेक्षण में पाया गया कि अगस्त 2022 तक 700 में से 70 फीसदी कंपनियां हाइब्रिड मोड में काम कर रही थीं, जबकि जनवरी 2022 में यह आंकड़ा सिर्फ 48 फीसदी था। पेप्सिको, RPG Group, मर्सिडीज-बेंज इंडिया, टेक महिंद्रा और मारुति सुजुकी जैसी कंपनियों ने कर्मचारियों की उपस्थिति मॉडल के प्रति लचीला रुख अपनाया है।
पेप्सिको कर सकती है बदलाव
पेप्सिको आगे चलकर मॉडल में बदलाव कर सकती है। हाइब्रिड मोड में काम करते हुए, आरपीजी ग्रुप ने नौकरियों को चार कैटेगरी में विभाजित किया है - टेक और फ्रंटलाइन सेल रोल के लिए 100 फीसदी घर से काम, वहीं एडमिनिस्ट्रेशन, सिक्योरिटी, फैक्टरी के कर्मचारियों के लिए 100 फीसदी ऑफिस से काम और फाइनेंस, एचआर और लीगल जैसे विभागों के लिए हाइब्रिड मॉडल।
