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Closing Bell: सेंसेक्स 787 और निफ्टी 255 अंक चढ़कर बंद, 5 वजहों से बदला बाजार का मूड

Share Market में आज Sensex-Nifty का जोरदार कमबैक देखने को मिला है। दोनों बेंचमार्क इंडेक्स दिन की शुरआत में गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। लेकिन, दिन के आखिर में शानदार रिकवरी देखने को मिली। क्यों आई तेजी?

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भारतीय शेयर बाजार में लौटी तेजी

Photo : iStock

Closing Bell: भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को जबरदस्त वापसी देखने को मिली। सुबह की गिरावट के बाद बाजार ने तेज रिकवरी की और ऊपरी स्तरों पर बंद हुआ। सेंसेक्स 787 अंक और निफ्टी 255 अंक चढ़ा, जिससे निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ।

इंडेक्स नामLTPबदलावबदलाव %ओपनहाईलोपिछला बंद
निफ्टी 5022,968.25+255.15+1.12%22,780.3022,998.3522,542.9522,713.10
सेंसेक्स74,106.85+787.30+1.07%73,477.5374,207.4672,728.6673,319.55
निफ्टी सेंसेक्स में आज जारेदार उठा-पटक देखने को मिली। निफ्टी ने डे हाई से डे लो के बीच करीब 455.4 अंक का फासला तय किया। वहीं, सेंसेक्स में इस दौरान 1,478.8 की तेजी आई। इंट्रा डे में सेंसेक्स जहां 74 हजार के अहम लेवल के ऊपर बंद हुआ है। वहीं, निफ्टी ने भी 22900 के अहम लेवल को हासिल किया है।

गिरावट से तेजी तक, दिनभर में पलटा ट्रेंड

सुबह बाजार कमजोरी के साथ खुला और शुरुआती कारोबार में दबाव दिखा। लेकिन लो लेवल्स से मजबूत खरीदारी आई, जिसने पूरे दिन का ट्रेंड बदल दिया। निफ्टी 22,500 के आसपास से उछलकर 22,950 के पार पहुंचा, जो मजबूत रिकवरी का संकेत है।

बैंकिंग सेक्टर बना सबसे बड़ा सहारा

आज की तेजी में बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों का सबसे बड़ा योगदान रहा। HDFC Bank, Axis Bank, SBI और Bajaj Finance जैसे शेयरों में 2–3% की तेजी ने इंडेक्स को ऊपर खींचा।

ब्रॉड मार्केट ने दिया दमदार सपोर्ट

मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी 1% के आसपास तेजी रही। मार्केट ब्रेड्थ मजबूत रही, जहां बढ़ने वाले शेयर गिरने वालों से काफी ज्यादा रहे। यह संकेत देता है कि तेजी व्यापक है।

लार्जकैप में भी तेजी कायम

Reliance जैसे कुछ बड़े शेयरों में गिरावट देखने को मिली, लेकिन बाकी लार्जकैप्स ने बाजार को संभाले रखा। IT, मेटल और कंज्यूमर सेक्टर में खरीदारी से संतुलन बना रहा।

ग्लोबल दबाव के बीच घरेलू मजबूती

ग्लोबल संकेत पूरी तरह सकारात्मक नहीं थे, लेकिन घरेलू बाजार ने मजबूती दिखाई। एशियाई बाजारों से मिले-जुले संकेतों के बावजूद निवेशकों ने गिरावट को खरीदारी का मौका माना। आज की तेजी यह दिखाती है कि बाजार में मजबूत सपोर्ट बना हुआ है। अगर निफ्टी 23,000 के ऊपर टिकता है, तो शॉर्ट टर्म में तेजी जारी रह सकती है। हालांकि ग्लोबल जोखिम अभी भी बने हुए हैं।

क्यों आई तेजी?

  1. लो लेवल्स पर आक्रामक खरीदारी : सुबह की गिरावट के बाद निफ्टी 22,500 के आसपास पहुंचा, जहां से निवेशकों ने इसे मजबूत सपोर्ट जोन माना। बड़े फंड्स और संस्थागत निवेशकों की खरीदारी ने बाजार को तेजी से ऊपर खींचा।
  2. बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर की अगुवाई : HDFC Bank, ICICI Bank, SBI और Axis Bank जैसे दिग्गज शेयरों में 1–3% की तेजी रही। बैंक निफ्टी में मजबूत उछाल ने पूरे बाजार के मूड को पॉजिटिव बना दिया।
  3. मजबूत मार्केट ब्रेड्थ : बढ़ने वाले शेयर गिरने वालों से कहीं ज्यादा रहे। 4,500 से ज्यादा शेयरों में ट्रेडिंग के बीच 3,200 से ज्यादा शेयर हरे निशान में बंद हुए, जो बताता है कि तेजी व्यापक थी, सिर्फ चुनिंदा शेयरों तक सीमित नहीं।
  4. पश्चिम एशिया में शांति की उम्मीद: अमेरिका और ईरान शांति वार्ता कर रहे हैं। फिलहाल, खबरें सामने आई हैं कि दोनों देश 45 दिनों के लिए सीजफायर कर सकते हैं।
  5. ग्लोबल सपोर्ट : ग्लोबल संकेत पूरी तरह मजबूत नहीं थे, लेकिन जापान और कोरिायाई बाजारों से भारतीय बाजार के सपोर्ट मिला है। इसके अलावा नतीजों को देखकर फंडामेंटल्स के आधार पर भी निवेश आने लगा है।

कितना बढ़ा मार्केट कैप?

6 अप्रैल के ताजा आंकड़ों को जोड़ें तो तस्वीर और मजबूत दिखती है। 1 अप्रैल को कुल मार्केट कैप ₹42,14,80,029.89 करोड़ था, जो 2 अप्रैल को बढ़कर ₹42,18,14,10.69 करोड़ हुआ और 6 अप्रैल तक उछलकर करीब ₹42,74,37,787.81 करोड़ पहुंच गया। यानी 1 से 6 अप्रैल के बीच कुल मिलाकर करीब ₹59,500 करोड़ से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज हुई। यह तेजी सिर्फ लार्जकैप तक सीमित नहीं रही, बल्कि पूरे बाजार में खरीदारी लौटने का संकेत देती है, हालांकि इसमें टॉप कंपनियों का योगदान अभी भी निर्णायक बना हुआ है।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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