ये भी पढ़ें -
प्रस्ताव पर हुई काफी चर्चा
नागेश्वरन ने यहां उद्योग मंडल एसोचैम के एक कार्यक्रम में कहा कि जुलाई में पेश आर्थिक समीक्षा 2023-24 में भी इस पर काफी चर्चा हुई थी और अगली समीक्षा में भी यह मुख्य विषयवस्तु होगा।
उन्होंने कहा, "नियमन को हटाना यानी उसे खत्म कर देना आगामी आर्थिक सर्वेक्षण का भी मुख्य विषय होगा।"
महिला वर्कफोर्स को बढ़ाना है मकसद
मुख्य आर्थिक सलाहकार ने कहा कि महिला एवं पुरुष विभाजन को दूर करने के साथ रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के मोर्चे पर भी नीतिगत पहल नियमन हटाने के मामले में अधिक काम कर सकती है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि विभिन्न राज्यों में महिलाओं के लिए प्रतिबंधित व्यवसायों की कुल संख्या 118 तक पहुंच जाती है। इसकी वजह यह है कि इन व्यवसायों में महिलाओं के शामिल होने को जोखिम से भरा माना जाता है।
नागेश्वरन ने कहा, "यदि आप महिला कार्यबल की भागीदारी बढ़ाना चाहते हैं तो राज्य और स्थानीय शासन में नियमन को कम करने पर ध्यान केंद्रित करना होगा।" (इनपुट - भाषा)
