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Budget 2026: सरकार के पास रुपया कहां से आता है और कहां खर्च होता है? पूरा हिसाब पढ़ें यहां

Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बार का 53.47 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया है। यह पिछली बार के बजट अनुमान से 5.5 फीसदी ज्यादा है। बजट में सरकार बताती है कि वो सालभर कहां से कितना कमाएगी और कहां पर कितना खर्च करेगी? आइए जानते हैं कि सरकार के पास पैसा कहां से आता है और कहां खर्च होता है।

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बजट 2026

Budget 2026: आम बजट पेश हो गया है। इस बार सरकार ने 53 लाख करोड़ रुपये से अधिक का बजट पेश किया है। क्या आपको पता है कि सरकार का पैसा कहां-कहां से आता है और कहां खर्च होता है। हम आपको पूरा ब्योरा दे रहे हैं कि सरकार की कहां से कमाई होती है और कहां पर खर्च होता है।

सरकार को कहां-कहां से होती है आय?

सरकार की आय के स्रोतों की बात करें, तो सबसे बड़ा हिस्सा उधारी और देनदारियों (Borrowings & Liabilities) से आता है, जो कुल आय का 24% है। इसके बाद इनकम टैक्स का योगदान 21% है, जबकि कॉरपोरेट टैक्स से सरकार को 18% आय होती है। GST और अन्य टैक्स का हिस्सा 15%, नॉन-टैक्स रेवेन्यू (जैसे फीस, डिविडेंड, ब्याज आदि) 10%, यूनियन एक्साइज ड्यूटी 6% और कस्टम्स ड्यूटी से 4% की आय होती है। वहीं नॉन-डेट कैपिटल रिसीट्स (जैसे विनिवेश) का योगदान सिर्फ 2% है। यह दिखाता है कि सरकार अब भी बड़ी हद तक उधारी और टैक्स पर निर्भर है।

पैसा कहां होता है खर्च?

सरकार के बजट का सबसे बड़ा हिस्सा राज्यों को मिलने वाले टैक्स शेयर में जाता है, जो 22% है। इसके बाद ब्याज भुगतान (Interest Payment) पर 20% खर्च होता है, जो यह दर्शाता है कि सरकारी कर्ज चुकाना एक बड़ी जिम्मेदारी है। केंद्रीय क्षेत्र की योजनाओं पर 17%, डिफेंस पर 11%, और केंद्र प्रायोजित योजनाओं पर 8% खर्च किया जाता है। फाइनेंस कमीशन और अन्य ट्रांसफर्स का हिस्सा 7% है। इसके अलावा बड़ी सब्सिडी पर 6%, अन्य खर्च पर 7%, जबकि सिविल पेंशन पर करीब 2% राशि जाती है।

यह पूरा आंकड़ा बताता है कि सरकार का एक बड़ा हिस्सा विकास योजनाओं, सुरक्षा और राज्यों के सहयोग में जाता है, वहीं कर्ज पर ब्याज भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। बजट 2026 का उद्देश्य आय के स्रोतों को मजबूत करना और खर्च को संतुलित रखते हुए विकास को गति देना है।

Alok Kumr
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

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