Bikaji Bhujiya founder Shiv Ratan Agarwal : बिकाजी फूड्स इंटरनेशनल लिमिटेड के चेयरमैन और फाउंडर शिव रतन अग्रवाल अब इस दुनिया में नहीं रहें। उन्होंने 74 साल की उम्र में चेन्नई में अंतिम सांस ली। जानकारी के मुताबिक उनका निधन दल का दौरा पड़ने की वजह से हुआ। उनकी पत्नी की हार्ट सर्जरी के लिए चेन्नई के अस्पताल में भर्ती थीं। वे उन्हें ही देखने के लिए चेन्नई गए हुए थे, लेकिन होटल में ही उनकी अचानक तबियत बिगड़ गई जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। यह खबर पूरे उद्योग जगत के लिए एक बड़ा झटका है।
आपको बता दें कि शिव रतन अग्रवाल ऐसे शख्स थे जिन्होंने सिर्फ 8वीं पास होने के बावजूद हजारों करोड़ का बिजनेस खड़ा और साथ ही अपने धंधे को विदेशी धरती तक ले गए। उन्होंने भारत समेत पूरी दुनिया में भुजिया को एक अलग पहचान दी।
बता दें कि साल 1987 में उन्होंने बीकाजी भुजिया की शुरुआत की थी। अगर आपको नहीं मालूम तो बता दें कि बीकाजी भुजिया का भी जन्म हल्दीराम से ही हुआ है। दोनों ही कंपनियां एक ही परिवार से संबंध रखती हैं। हल्दीराम भुजिया के फाउंडर और डायरेक्टर गंगा बिशन अग्रवाल हैं जो कि शिव रतन अग्रवाल के दादाजी थे।
दादा से सीखा भुजिया बनाना
शिव रतन अग्रवाल 8वीं पास थे और उन्होंने अपने दादाजी से भुजिया तैयार करना सीखा था। शुरुआती दिनों में वे हाथों से भुजिया बनाते थे, लेकिन बाद में धीर-धीरे मशीनों का इस्तेमाल होने लगा। बता दें कि बीकाजी देश की पहली ऐसी कंपनी थी जिसने भुजिया के लिए फैक्ट्री स्थापित की थी। बिजनेस का दायरा बढ़ाने के लिए शिवरतन अग्रवाल ने भुजिया बनाने के लिए मशीनों का इस्तेमाल किया और साथ ही पैकेजिंग से लेकर विज्ञापन की तरफ फोकस किया।
विदेशों तक पहुंची भुजिया
शिव रतन अग्रवाल ने जिस बीकाजी की शुरुआत की थी आज करीब 250 से ज्यादा उसके प्रोडक्ट हैं। बीकाजी आज पूरी दुनिया में कितना पॉपुलर ब्रैंड बन चुका है इसका अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, स्पेन, रूस, फ्रांस, UAE और जर्मनी समेत 40 देशों में उनके प्रोडक्ट मौजूद हैं। मौजूदास समय में कंपनी का मार्केट कैप करीब 17,331 करोड़ रुपये का है।
