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Bharat Coking Coal IPO: लिस्टिंग टली, पर नहीं थम रहा GMP का तूफान, 60% मुनाफा!

Bharat Coking Coal IPO की लिस्टिंग भले ही टल गई हो, लेकिन ग्रे मार्केट में इसका क्रेज कम होने का नाम नहीं ले रहा है। 13 जनवरी को सब्सक्रिप्शन बंद होने और 15 जनवरी को अलॉटमेंट फाइनल होने के बाद भी BCCL IPO का GMP लगातार मजबूत बना हुआ है। ताजा संकेतों के मुताबिक GMP ₹14.1 तक पहुंच चुका है, जिससे ₹23 के इश्यू प्राइस पर करीब 60% से ज्यादा लिस्टिंग गेन की उम्मीद फिर तेज हो गई है।

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भारत कोकिंग कोल आईपीओ (इमेज क्रेडिट, कैन्वा)

Bharat Coking Coal IPO GMP Update: BCCL IPO का ताजा GMP 16 जनवरी, 2026 को ₹14.1 दर्ज किया गया है। इश्यू का अपर प्राइस ₹23 है, ऐसे में अनुमानित लिस्टिंग प्राइस करीब ₹37.1 बनता है। यह इश्यू प्राइस के मुकाबले लगभग 61% का संभावित लिस्टिंग गेन दिखाता है। IPO की लिस्टिंग पहले 16 जनवरी को होनी थी, लेकिन अब टेंटेटिव तौर पर 19 जनवरी 2026 की तारीख सामने आ रही है।

सब्सक्रिप्शन ने दिखाया दम

Bharat Coking Coal IPO को कुल 143.85 गुना सब्सक्रिप्शन मिला है, जो अपने आप में इस इश्यू की डिमांड को साबित करता है। खास बात यह है कि QIB कैटेगरी में 310.81 गुना और NII में 240.49 गुना सब्सक्रिप्शन रहा, जबकि रिटेल में भी 49.37 गुना की मजबूत भागीदारी देखने को मिली। इतना हाई सब्सक्रिप्शन आमतौर पर लिस्टिंग के दिन तेज मूवमेंट की उम्मीद बढ़ा देता है।

IPO पूरी तरह OFS

BCCL IPO का साइज ₹1,071.11 करोड़ है और यह पूरी तरह Offer For Sale है। इसका मतलब यह है कि इस इश्यू से कंपनी के पास नई पूंजी नहीं जाएगी, बल्कि मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं। IPO का इश्यू प्राइस ₹23 प्रति शेयर तय हुआ है और रिटेल के लिए लॉट साइज 600 शेयर का रखा गया है, यानी न्यूनतम निवेश करीब ₹13,800 बनता है।

कोकिंग कोल में बड़ा नाम

Bharat Coking Coal Limited, Coal India की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है और देश में कोकिंग कोल प्रोडक्शन का सबसे बड़ा प्लेयर मानी जाती है। कंपनी के पास 34 ऑपरेशनल माइंस हैं और FY25 में यह भारत के घरेलू कोकिंग कोल उत्पादन में 58.50% हिस्सेदारी रखती है। कंपनी का ऑपरेशन मुख्य रूप से झारखंड के झरिया और पश्चिम बंगाल के रानीगंज बेल्ट में फैला हुआ है।

फाइनेंशियल्स मजबूत

कंपनी का FY25 प्रदर्शन मजबूत रहा है, जहां टोटल इनकम ₹14,401.63 करोड़ और PAT ₹1,240.19 करोड़ रहा। हालांकि 30 सितंबर 2025 तक के आंकड़ों में PAT ₹123.88 करोड़ रहा, जिससे संकेत मिलता है कि हालिया तिमाहियों में प्रॉफिटेबिलिटी पर दबाव बढ़ा है। यही वजह है कि लिस्टिंग के बाद स्टॉक का ट्रेंड सिर्फ GMP नहीं, बल्कि मार्केट सेंटीमेंट और वैल्यूएशन पर भी निर्भर करेगा।

डिस्क्लेमर: TimesNow Hindi किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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