फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में निवेश करने वाले ग्राहकों के लिए Bank of Baroda (BoB) ने एक नई एफडी स्कीम लॉन्च की है। बैंक ने ‘bob Golden Goal Deposit Scheme’ नाम से 555 दिनों की विशेष अवधि वाली FD स्कीम शुरू की है, जिसमें निवेशकों को आकर्षक ब्याज दरें ऑफर की जा रही हैं। बढ़ती ब्याज दरों के माहौल में यह स्कीम उन लोगों के लिए बेहतर विकल्प बन सकती है, जो सुरक्षित निवेश के साथ निश्चित रिटर्न चाहते हैं।
bob Golden Goal Deposit Scheme क्या है

Bank of Baroda की नई एफडी स्कीम (Photo: iStock)
Bank of Baroda की नई ‘bob Golden Goal Deposit Scheme’ 555 दिनों की अवधि के लिए पेश की गई है। यह स्कीम 3 करोड़ रुपये से कम की रिटेल टर्म डिपॉजिट पर लागू होगी। बैंक का कहना है कि यह योजना ग्राहकों को गारंटीड रिटर्न के साथ आकर्षक ब्याज दर पर लाभ कमाने का अवसर देती है।
एफडी पर कितना मिलेगा ब्याज
इस स्कीम के तहत सामान्य ग्राहकों को कॉलेबल FD पर 6.75% सालाना ब्याज मिलेगा। वहीं अगर निवेशक नॉन-कॉलेबल FD का विकल्प चुनते हैं, तो ब्याज दर बढ़कर 6.80% सालाना हो जाती है।
अच्छी बात ये है कि बैंक ने वरिष्ठ नागरिकों और सुपर सीनियर सिटिजन के लिए भी अतिरिक्त ब्याज का प्रावधान रखा है। सीनियर सिटिजन को कॉलेबल FD पर 7.25% और नॉन-कॉलेबल FD पर 7.30% ब्याज मिलेगा। वहीं, 80 वर्ष या उससे अधिक आयु वाले सुपर सीनियर सिटिजन को कॉलेबल FD पर 7.35% और नॉन-कॉलेबल FD पर 7.40% तक ब्याज मिलेगा। यानी इस योजना का सबसे अधिक लाभ सुपर सीनियर सिटिजन निवेशकों को मिल रहा है।
कॉलेबल फिक्स्ड डिपॉजिट (Callable FD) एक ऐसी पारंपरिक सावधि जमा (FD) योजना होती है, जो ग्राहकों को मैच्योरिटी (अवधि पूरी होने) से पहले पैसे निकालने की अनुमति देती है। जरूरत पड़ने पर ग्राहक अपनी जमा राशि आंशिक या पूरी तरह से वापस ले सकते हैं। वहीं, नॉन-कॉलेबल FD के तहत पूरी राशि केवल मैच्योरिटी पर ही निकाली जा सकती है।
| ग्राहक श्रेणी | कॉलेबल FD ब्याज दर (% प्रति वर्ष) | नॉन-कॉलेबल FD ब्याज दर (% प्रति वर्ष) |
|---|---|---|
| सामान्य ग्राहक | 6.75% | 6.80% |
| वरिष्ठ नागरिक (Senior Citizen) | 7.25% | 7.30% |
| सुपर सीनियर सिटिजन (80 वर्ष या अधिक) | 7.35% | 7.40% |
निवेश से पहले रखें इन बातों का ध्यान
हालांकि FD सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन निवेश से पहले निवेशकों को अपनी वित्तीय जरूरतों और अवधि का ध्यान रखना चाहिए। अगर बीच में पैसे निकालने की आवश्यकता पड़ सकती है, तो कॉलेबल FD बेहतर विकल्प हो सकती है। वहीं लंबी अवधि तक धन निवेशित रखने वाले निवेशक अतिरिक्त ब्याज के लिए नॉन-कॉलेबल FD चुन सकते हैं। यह भी ध्यान रखें की एफडी पर मिलने वाला ब्याज टैक्सेबल होता है।
