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ITR भरते समय न करें ये गलतियां, वरना आ सकता है टैक्स नोटिस और अटक सकता है रिफंड

सराकर ने टैक्स चोरी रोकने के लिए इस बार आयकर कानून के नियम में कई बदलाव किए हैं। इसलिए अगर आप अपना आयकर रिटर्न भरने की तैयारी कर रहे हैं तो कमाई की सभी जानकारी बिल्कुल सही दें।

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इनकम टैक्स रिटर्न

इनकम टैक्स रिटर्न भरने का सीजन चल रहा है। 31 जुलाई तक आप अपना रिटर्न फाइल कर सकते हैं। ऐसे में अगर आप भी अपना आयकर रिटर्न भरने की तैयारी कर रहे हैं, तो इस बार ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है, क्योंकि आयकर विभाग की ओर से कई बदलाव किए गए हैं। इस बदलाव के बाद अगर आप रिटर्न भरने में सावधानी नहीं बरतेंगे तो आपको बाद में टैक्स नोटिस भी मिल सकता है और रिफंड भी अटक सकता है। तो आइए जानते हैं कि इस बार रिटर्न भरने में किन—किन बातों का खास ख्याल रखें।

इस साल क्या बड़े बदलाव हुए हैं?

इनकम टैक्स एक्सपर्ट के मुताबिक, जो बदलाव सबसे ज्यादा नौकरीपेशा लोगों को प्रभावित करेगा, वह है ITR-1 फॉर्म के दायरे का बढ़ना। पहले, अगर किसी को शेयर बाजार या इक्विटी म्यूचुअल फंड से थोड़ा सा भी मुनाफा (कैपिटल गेन्स) होता था, तो उन्हें ITR-2 फॉर्म भरना पड़ता था, लेकिन अब कुछ शर्तों के साथ, नौकरीपेशा लोग ITR-1 फॉर्म का इस्तेमाल कर सकते हैं। हर महीने म्यूचुअल फंड में SIP करने वाले निवेशकों के लिए यह एक बहुत बड़ी और राहत देने वाली राहत है।

इसके अलावा, जिन परिवारों के पास दूसरा घर है या पति-पत्नी अलग-अलग शहरों में काम करते हैं, उनके लिए भी 'दो सेल्फ-ऑक्यूपाइड प्रॉपर्टी' (खुद के रहने वाले दो घरों) के नियम में ढील दी गई है।

डेटा मैचिंग पर सरकार सख्त

टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस साल मुख्य बात "डेटा की विजिबिलिटी" (जानकारी का साफ दिखना) है। सरकार के पास अब हर छोटी-बड़ी लेनदेन का रिकॉर्ड है। बैंक ब्याज या निवेश के लेन-देन में छोटी सी भी चूक होने पर तुरंत मिसमैच (अंतर) पकड़ में आ जाएगा। इसलिए अब फोकस सिर्फ सही फॉर्म चुनने पर नहीं, बल्कि इस बात पर है कि आपकी दी हुई जानकारी इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के रिकॉर्ड से पूरी तरह मेल खाती हो।

ये जानकारी अब देनी होगी

अगर आप किसी संस्था को दिए गए दान पर टैक्स छूट का दावा कर रहे हैं, तो आपको ट्रांजैक्शन रेफरेंस नंबर, बैंक की डिटेल्स और IFSC कोड देना पड़ सकता है। वहीं, राजनीतिक दलों को दिए गए चंदे के लिए पाने वाले का नाम और पैन नंबर बताना जरूरी होगा।

ITR भरते समय होने वाली सबसे बड़ी गलतियां

इस साल सबसे जरूरी कदम सही ITR फॉर्म चुनना है। चूंकि ITR-1 का दायरा बढ़ गया है, इसलिए दो घरों वाले लोग भी अब इस आसान फॉर्म का लाभ ले सकते हैं।

सिर्फ और सिर्फ AIS के भरोसे न बैठें। AIS की जानकारियों का मिलान अपने बैंक स्टेटमेंट, फॉर्म 16 और कैपिटल गेन्स स्टेटमेंट के साथ जरूर करें ताकि बाद में कोई नोटिस या पूछताछ की नौबत न आए।

अगर ITR में गलती हो जाए तो क्या करें?

अगर रिटर्न दाखिल करने के बाद आपको पता चलता है कि आपसे कोई कमाई छूट गई है, गलत जानकारी दर्ज हो गई है, या गलत टैक्स छूट का दावा हो गया है, तो घबराएं नहीं। आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 139(5) के तहत तुरंत एक संशोधित रिटर्न दाखिल करें। रिवाइज्ड रिटर्न आपके पुराने रिटर्न की जगह ले लेता है।

Alok Kumar
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

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