क्या खत्म होगी जियो की बादशाहत? करोड़ों ग्राहकों ने छोड़ा साथ

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Feb 18, 2022, 04:08 PM IST

TRAI Report: दिसंबर के अंत तक शहरी और ग्रामीण वायरलेस यूजर्स की हिस्सेदारी कुल वायरलेस उपभोक्ताओं की संख्या में क्रमश: 54.85 फीसदी और 45.15 फीसदी थी।

क्या खत्म होगी जियो की बादशाहत? करोड़ों ग्राहकों ने छोड़ा साथ
Photo Credit: BCCL

TRAI Report: रिलायंस जियो (Reliance Jio) को तगड़ा झटका लगा है। दूरसंचार नियामक ट्राई (TRAI) द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार रिलायंस जियो के यूजर्स काफी कम हो गए हैं। जियो के साथ ही वोडाफोन आइडिया (Vodafone Idea) को ग्राहकों की कमी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं भारतीय एयरटेल (Bharti Airtel) और बीएसएनएल (BSNL) को फायदा हुआ है। ट्राई की रिपोर्ट से पता चला है कि देश में मोबाइल ग्राहकों की संख्या में दिसंबर 2021 के दौरान मासिक आधार पर 1.28 करोड़ की गिरावट दर्ज की गई है।

रिलायंस जियो ने लगभग 1.29 करोड़ वायरलेस ग्राहकों को खो दिया है। अब कंपनी के ग्राहकों की संख्या 41.57 करोड़ रह गई है।
दिसंबर 2021 में वोडाफोन आइडिया ने 16.14 लाख मोबाइल सब्सक्राइबर्स खो दिए और इसका आधार 26.55 करोड़ हो गया।
इसके विपरीत, ट्राई द्वारा जारी मासिक ग्राहक डेटा के अनुसार, एयरटेल को 4.75 लाख ग्राहक मिले, जिससे उसका वायरलेस यूजर बेस बढ़कर 35.57 करोड़ हो गया।

शहरी और ग्रामीण इलाकों में इतना कम हुआ वायरलेस सब्सक्रिप्शन
ट्राई ने कहा कि, 'भारत में वायरलेस टेलीडेंसिटी नवंबर 2021 के अंत में 85.18 फीसदी से घटकर दिसंबर 2021 के अंत में 84.17 फीसदी हो गई।' दिसंबर 2021 के अंत तक शहरी इलाकों में वायरलेस सब्सक्रिप्शन घटकर 63.33 करोड़ और ग्रामीण इलाकों में भी घटकर 52.12 करोड़ रह गया। ट्राई ने कहा कि, 'शहरी और ग्रामीण वायरलेस सब्सक्रिप्शन की मासिक गिरावट दर क्रमशः 0.80 फीसदी और 1.47 फीसदी थी।'

आगे ट्राई ने कहा कि, 'दिसंबर 2021 में 616 ऑपरेटरों से मिली जानकारी के अनुसार नवंबर 2021 में 592 ऑपरेटर की तुलना में नवंबर के अंत में कुल ब्रॉडबैंड ग्राहकों की संख्या 801.60 मिलियन से घटकर दिसंबर के अंत में 792.08 मिलियन हो गई।'

दिसंबर के अंत में शीर्ष पांच सेवा प्रदाताओं की कुल ब्रॉडबैंड ग्राहकों में 98.54 फीसदी बाजार हिस्सेदारी थी। ट्राई की मासिक रिपोर्ट में कहा गया है, 'ये सेवा प्रदाता रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड (420.28 मिलियन), भारती एयरटेल (210.07 मिलियन), वोडाफोन आइडिया (122.62 मिलियन), बीएसएनएल (25.54 मिलियन) और अटरिया कन्वर्जेंस (2.01 मिलियन) थे।

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