जून 2022 में कम रहा एयर ट्रैफिक, 104.8 लाख रही घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 4, 2022, 03:17 PM IST

Indian aviation industry: घरेलू एयरलाइन कंपनी अपना ज्यादातर राजस्व रुपये में कमाती है। अगर मुद्रा में गिरावट आती है, तो आउटगो बहुत अधिक होता है, जिससे उसके मार्जिन पर असर पड़ता है।

जून 2022 में कम रहा एयर ट्रैफिक, 104.8 लाख रही घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या

नई दिल्ली। भारतीय विमानन उद्योग ने पिछले महीने में हवाई यातायात के आंकड़े जारी कर दिए हैं। पिछले चार महीनों से लगातार बढ़ने के बाद, जून 2022 में एयर ट्रैफिक में गिरावट आई है। घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या 8 फीसदी कम होकर 104.8 लाख (MoM) हो गई। जून के महीने में औसत दैनिक हवाई यातायात 3.49 लाख था, जो कोविड-19 के पहले के चरम स्तर का लगभग 83 फीसदी था। दिसंबर 2019 में 4.2 लाख यात्रियों के साथ दैनिक हवाई यातायात अपने चरम स्तर पर था।

कम एयर ट्रैफिक ही विमानन उद्योग की एकमात्र समस्या नहीं है। डॉलर के मुकाबले रुपये में दर्ज की जा रही गिरावट, हवाई जहाज चलाने वाले ईंधन, एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की ऊंची कीमत भी एयरलाइंस के लिए चिंता का विषय हैं।

पैसेंजर लोड फैक्टर में कितनी गिरावट आई और एविएशन सेक्टर की सबसे बड़ी चिंताएं क्या हैं, जानिए इस खास रिपोर्ट में -

ग्लोबल हवाई यात्रियों की संख्या 2.7 फीसदी कम होकर 21.4 लाख रही -

एविएशन टर्बाइन फ्यूल की कीमत (ATF Price) 1.4 लाख रुपये प्रति किलो लीटर के उच्चतम स्तर पर है। एयरलाइन की परिचालन लागत में एविएशन टर्बाइन फ्यूल का 40 फीसदी हिस्सा होता है।

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