MSME के लिए वित्त मंत्री ने खोली तिजोरी, जानें क्या किए ऐलान

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Feb 1, 2022, 07:13 PM IST

Budget 2022 Highlights in Hindi: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण देश का आम बजट पेश किया। इसमें सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम यानी एमएसएमई के लिए कई अहम घोषणाएं की गईं।

MSME के लिए वित्त मंत्री ने खोली तिजोरी, जानें क्या किए ऐलान

Budget 2022 Highlights in Hindi: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) ने अपना चौथा बजट पेश कर दिया है। ओमिक्रोन लहर के बीच वित्त मंत्री ने इस बजट में विकास, रोजागर सहित सभी पहलुओं पर ध्यान केंद्रित किया। भारत के सूक्ष्म, मध्यम और लघु उद्योग (MSME) को अर्थव्यवस्था की बैकबोन के रूप में देखा जाता है। इसलिए वित्त मंत्री ने बजट में इस सेक्टर को भी बूस्ट दिया।

एमएसएमई सेक्टर के लिए कई योजनाओं की घोषणा
वित्त मंत्री ने एमएसएमई सेक्टर को मजबूत करने के लिए कई योजनाओं की घोषणा की। उन्होंने कहा कि उद्यम, ई-श्रम, एनसीएस और असीम पोर्टल जैसे एमएसएमई को अब इंटरलिंक किया जाएगा, इसके दायरे को और बढ़ाया जाएगा। ये प्लेटफॉर्म अब ऑर्गेनिक डेटाबेस के तौर पर काम करेंगे, जिसके जरिए क्रेडिट सुविधाएं मिलेंगी और साथ ही व्यवसाय को बढ़ावा मिलेगा।

बढ़ी आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना की अवधि
इसके अतिरिक्त, वित्त मंत्री ने नाबार्ड के माध्यम से को-इन्वेस्टमेंट मॉडल के तहत ब्लेंडिड कैपिटल के साथ एक फंड की स्थापना की भी घोषणा की है। पिछले बजट में वित्त मंत्री ने 20 लाख करोड़ रुपये की आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना (ECLGS) का अनावरण किया था क्योंकि MSME पर महामारी के चलते काफी संघर्ष किया। आज सीतारमण ने घोषणा की कि ईसीएलजीएस योजना को मार्च 2023 तक बढ़ा दिया गया है। इसमें गारंटीकृत कवर भी अतिरिक्त 50,000 करोड़ रुपये तक बढ़ाया जाएगा। योजना के तहत कुल आवंटन अब बढ़कर 5 लाख करोड़ रुपये हो जाएगा। 

मालूम हो कि इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम एक खास तरह की लोन योजना है, जिसका कोरोना महामारी के चलते प्रभावित एमएसएमई सेक्टर को उबारने के लिए ऐलान किया गया था। CGTMSE के तहत अतिरिक्त 2 लाख करोड़ रुपये से एक तरफ उद्यमियों की संख्या बढ़ेगी और दूसरी तरफ अधिक रोजगार पैदा होंगे। बजट में वित्त मंत्री ने यह भी घोषणा की कि एमएसएमई की रेटिंग के लिए 6,000 करोड़ रुपये के कार्यक्रम को अगले पांच सालों में लागू किया जाएगा।

इस पर FIA Global की सह-संस्थापक और सीईओ सीमा प्रेम ने कहा कि, 'पिछले दो सालों के मुश्किल समय को देखते हुए बजट विकास पर केंद्रित है। वित्त मंत्री ने MSME क्षेत्र के लिए बड़े पैमाने पर अवसर जोड़े हैं, जिससे इस सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा। MSME क्षेत्र को 5 लाख करोड़ की आपातकालीन क्रेडिट लाइन योजनाओं से राहत मिली है। CGTMSE और निवेश से भी इस सेक्टर को राहत मिलेगी। डिजिटलीकरण से सब्सिडी में डायरेक्ट लाइन बढ़ेगी, जो मांग को बढ़ाने में और एमएसएमई के लिए तरलता बढ़ाने में मदद करेगी। बैंकिंग इकाइयों द्वारा डिजिटलीकरण और डिजिटल भुगतान को अपनाने का प्रस्ताव देने से बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट्स को भुगतान के चैनल को औपचारिक बनाने और उन्हें यूजर फ्रेंड्ली बनाने में मदद मिलेगी।'

स्टार्टअप्स को भी मिली राहत
सिर्फ एमएसएमई ही नहीं, सरकार ने स्टार्टअप्स को भी राहत दी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विस्तारित कर लाभ की घोषणा की है। अब तक 1 अप्रैल 2016 से 31 मार्च 2022 के बीच निगमित स्टार्टअप्स इस कर लाभ योजना के लिए पात्र थे। लेकिन अब वित्त मंत्री ने पात्रता को 31 मार्च 2023 तक बढ़ा दिया है। उन्होंने बजट भाषण में कहा कि पिछले कुछ सालों में देश ने सफल स्टार्टअप्स में कई गुना वृद्धि देखी है।

End of Article