दुनिया के पहले ट्रिलियनेयर एलन मस्क के हुनर के कायल आनंद महिंद्रा भी हो गए हैं। इन दिनों स्पेसएक्स के शेयर बाजार में ऐतिहासिक प्रवेश के बाद दुनिया के पहले ’ट्रिलियनेयर’ (एक हजार अरब डॉलर) बनने का गौरव हासिल करने वाले एलन मस्क की उपलब्धि की हर कोई चर्चा कर रहा है। इस बारे में महिंद्रा समूह के चेयरमैन आनंद महिंद्रा का मानना है कि मस्क की सफलता की असली कहानी उनका वह अटूट विश्वास है जिसके बल पर उन्होंने आज की असंभव लगने वाली कल्पनाओं को कल की वास्तविकता में बदल दिया। महिंद्रा ने कहा कि मस्क ने कभी यह मानना नहीं छोड़ा कि आज जो असंभव है, वह कल संभव हो सकता है।
मस्क बने हैं दुनिया के पहले खरबपति
स्पेसएक्स की पिछले सप्ताह सार्वजनिक सूचीबद्धता के बाद मस्क दुनिया के पहले ट्रिलियनेयर (खरबपति) बन गए हैं। मस्क पहले से ही इलेक्ट्रिक वाहन कंपनी टेस्ला और सैटेलाइट इंटरनेट सेवाप्रदाता स्टारलिंक सहित कई कंपनियों के प्रमुख हैं। महिंद्रा ने वर्ष 2018 में एलन मस्क का समर्थन किया था। तब मस्क अपने जीवन और कारोबार के सबसे कठिन दौर से गुजर रहे थे। मस्क ने तब न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए एक साक्षात्कार में थका देने वाले, बेहद मुश्किल साल जैसी बाते कहीं थीं। महिंद्रा ने कहा कि नवाचार से लोगों को प्रेरित करने वालों को अक्सर उनके सबसे मुश्किल पलों में परखा जाता है, न कि उनके सबसे अच्छे समय में।
असंभव को संभव करने का जज्बा मस्क के पास
महिंद्रा ने मस्क की इस कामयाबी पर कहा कि आज की सुर्खियां उनके ’ट्रिलियन’ डॉलर के मुकाम पर पहुंचने के बारे में हैं लेकिन असल कहानी यह है कि उन्होंने (मस्क ने) कभी यह मानना नहीं छोड़ा कि आज जो असंभव है, वह कल हकीकत बन सकता है। उन्होंने कहा कि मैंने 2018 में एलन से इसलिए संपर्क किया था क्योंकि नवाचार को ढाल बनाने वाले का आकलन अक्सर उनके सबसे कठिन समय में किया जाता है, न कि उनके सबसे अच्छे दौर में। उस समय उनकी सबसे बड़ी विशेषता मुझे उनका अद्भुत धैर्य और संघर्षशीलता लगी थी।" महिंद्रा ने उस समय ट्विटर (अब ’एक्स’) पर मस्क का हौसला बढ़ाते हुए लिखा था, 'डटे रहिए’।
