Akshaya Tritiya 2026 : अक्षय तृतीया हिंदू धर्म में एक बेहद शुभ दिन माना जाता है। इस दिन कोई भी नया काम शुरू करना, खरीदारी करना या निवेश करना बहुत फलदायी माना जाता है। खासतौर पर सोना खरीदने की परंपरा वर्षों से चली आ रही है। लोगों का मानना है कि इस दिन खरीदा गया सोना कभी घटता नहीं, बल्कि समृद्धि और आर्थिक सुरक्षा लाता है। यही वजह है कि हर साल अक्षय तृतीया पर सोने के सिक्के या आभूषण खरीदने का चलन लगातार बढ़ रहा है। आइए जानते हैं 2021 से अब तक सोने की कीमतों में कितनी बढ़ोतरी (gold price rally) हुई है।
इस साल 19 अप्रैल को मनाई जाएगी अक्षय तृतीया
इस बार अक्षय तृतीया 19 अप्रैल को पड़ रही है। हर साल की तरह इस बार भी सोने की खरीदारी को लेकर बाजार में उत्साह देखने को मिल रहा है। ज्वेलरी दुकानों और निवेशकों को उम्मीद है कि बड़ी संख्या में लोग सोने के सिक्के खरीदेंगे। खासकर वे लोग जो इसे एक नियमित निवेश के रूप में देखते हैं।
पिछले डेढ़ साल में सोने की कीमतों में तेज उछाल
अगर सोने की कीमतों की बात करें तो पिछले करीब डेढ़ साल में इसमें जबरदस्त तेजी आई है। इसकी मुख्य वजह दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की खरीद बढ़ाना और वैश्विक स्तर पर बढ़ती अनिश्चितता है। आर्थिक अस्थिरता और भू-राजनीतिक तनाव के चलते निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ा, जिसमें सोना सबसे आगे रहा।
पिछले साल सोना रहा दूसरा सबसे बेहतर निवेश
पिछले साल के प्रदर्शन को देखें तो सोना निवेश के लिहाज से काफी मजबूत रहा। यह साल का दूसरा सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला एसेट बना, जबकि पहले स्थान पर चांदी रही। इससे साफ है कि कीमती धातुओं में निवेश करने वालों को अच्छा फायदा मिला।
हर साल 10 ग्राम सोना खरीदने पर कितना मिला रिटर्न?
अब मान लीजिए कि किसी व्यक्ति ने 2021 से लेकर हर अक्षय तृतीया पर 24 कैरेट का 10 ग्राम सोने का सिक्का खरीदा। यानी पिछले 5 साल में उसने कुल 5 सिक्के खरीदे। इस दौरान उसकी कुल निवेश राशि करीब 3,29,050 रुपये रही। अगर आज के सोने के दाम के हिसाब से देखें, जहां 10 ग्राम सोने की कीमत करीब 1,55,000 रुपये मानी गई है, तो इन 5 सिक्कों की कुल कीमत करीब 7,75,000 रुपये हो जाती है। इस तरह कुल रिटर्न करीब 135 प्रतिशत बनता है, जो एक शानदार मुनाफा है।
XIRR के हिसाब से असली रिटर्न क्या है?
हालांकि, जब निवेश अलग-अलग समय पर किया जाता है, तो साधारण रिटर्न के बजाय XIRR (Extended Internal Rate of Return) ज्यादा सही तरीका होता है रिटर्न मापने का। इस मामले में XIRR के आधार पर सालाना रिटर्न करीब 39 से 41 प्रतिशत के बीच आता है। यह किसी भी पारंपरिक निवेश के मुकाबले काफी ज्यादा है।
निवेशकों के लिए क्या है सीख?
इस उदाहरण से यह समझ आता है कि नियमित अंतराल पर किया गया निवेश, खासकर सोने जैसे सुरक्षित एसेट में, लंबे समय में अच्छा रिटर्न दे सकता है। अक्षय तृतीया जैसे मौके न सिर्फ धार्मिक आस्था से जुड़े हैं, बल्कि निवेश की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।
