Bandhan Bank Share पिछले 5 साल से सुस्त रिटर्न से जूझ रहा है। शेयर की ग्रोथ असल में Bandhan Bank की कमजोर एसेट क्वालिटी की वजह से रुकी है। लेकिन, लंबे समय से दबाव में चल रहे बंधन बैंक के शेयर में अचानक जान आ गई है। 5 साल में करीब 40% टूट चुका यह बैंकिंग स्टॉक एक दिन में 10% से ज्यादा उछल गया। वजह बना Q4 रिजल्ट, जिसने बाजार को साफ संकेत दिया कि बैंक अब ग्रोथ मोड में है। हालांकि, आज ज्यादातर Banking Share तेजी में हैं। खासतौर पर छोटें बैंक अब निवेशकों के रडार हैं।
नतीजों ने बदला पूरा सेंटिमेंट
Bandhan Bank के मार्च तिमाही नतीजे इस तेजी के सबसे बड़े ट्रिगर रहे। बैंक का मुनाफा सालाना आधार पर करीब 68% बढ़कर 534 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। यह उछाल सिर्फ आय बढ़ने से नहीं, बल्कि प्रोविजनिंग का बोझ कम होने और एसेट क्वालिटी में सुधार की वजह से आया। इसके साथ ही बैंक ने डिपोजिट ग्रोथ के साथ ही लोन बुक में भी डबल डिजिट ग्रोथ दर्ज की है। खास बात यह है कि बैंक अब अनसिक्योर्ड माइक्रोफाइनेंस से हटकर सिक्योर्ड लोन पर फोकस बढ़ा रहा है, जिसे बाजार ने पॉजिटिव संकेत माना है।
एसेट क्वालिटी ने दिलाया भरोसा
Bandhan Bank की सबसे बड़ी कमजोरी उसकी एसेट क्वालिटी रही थी। लेकिन इस बार GNPA करीब 3.3% और Net NPA 1% के आसपास स्थिर रहा, जिससे संकेत मिला कि खराब लोन का दबाव कंट्रोल में है। यही फैक्टर निवेशकों के भरोसे की वापसी का कारण बना। लंबे समय से बैंक पर जो जोखिम का टैग लगा था, उसमें अब नरमी दिखने लगी है।
52-वीक हाई पर पहुंचा शेयर
बाजार ने नतीजों पर तुरंत प्रतिक्रिया दी। शेयर 10% से ज्यादा उछलकर 52-वीक हाई के करीब पहुंच गया। सुबह के कारोबार में यह करीब 198 रुपये के स्तर पर 11% से ज्यादा की तेजी के साथ ट्रेड करता दिखा। डेटा बताता है कि स्टॉक ने पिछले 1 महीने में 40% से ज्यादा की तेजी दिखाई है, जो साफ संकेत देता है कि इसमें momentum बन चुका है।
5 साल का दर्द अब भी बाकी
हालांकि ताजा तेजी के बावजूद लंबी अवधि की तस्वीर अभी भी पूरी तरह सुधरी नहीं है। Bandhan Bank का शेयर पिछले 5 साल में करीब 39.83% गिरा है। कमजोर ROE, स्लो ग्रोथ और क्षेत्रीय जोखिम (पूर्वी भारत पर ज्यादा निर्भरता) जैसे फैक्टर्स ने इसे लंबे समय तक दबाव में रखा। यही वजह है कि बाजार अभी भी इसे पूरी तरह री-रेटिंग नहीं, बल्कि रिकवरी फेज मान रहा है।
अब आगे क्या देखना अहम?
Bandhan Bank के लिए आगे की राह इस बात पर निर्भर करेगी कि वह इस सुधार को कितने समय तक बनाए रखता है। खासकर एसेट क्वालिटी, secured lending का बढ़ता हिस्सा और profitability consistency पर निवेशकों की नजर रहेगी। अगर बैंक इन मोर्चों पर लगातार बेहतर प्रदर्शन करता है, तो यह तेजी सिर्फ एक bounce नहीं बल्कि sustained rally में बदल सकती है।
डिस्क्लेमर: TIMESNOW Navbharat किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।
