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Delhi News: दिल्ली जल बोर्ड घोटाला मामले में सत्येंद्र जैन के बाद अब अन्य पांच आरोपियों को भी मिली जमानत

Delhi News: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली जल बोर्ड के कथित STP घोटाला मामले में सत्येंद्र जैन के बाद अब पांच अन्य आरोपियों को भी जमानत दे दी है।

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दिल्ली जल बोर्ड STP घोटाला मामले में पांच आरोपियों को जमानत

Delhi News: दिल्ली जल बोर्ड के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) घोटाला मामले में आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और दिल्ली के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन के बाद अब अन्य पांच आरोपियों को भी जमानत मिल गई है। सुनवाई के दौरान आज यानी बुधवार 9 सितंबर को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने पांचों को दो-दो लाख रुपये के बेल बॉन्ड पर जमानत दी।

दिल्ली जल बोर्ड STP घोटाला मामले में गिरफ्तार दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व CEO उदित प्रकाश राय, नागेंद्र यादव, राज कुमार, पंकज वर्मा और अंकित श्रीवास्तव को इस कथित घोटाला मामले में आरोपी बनाया गया था।

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने AAP नेता सत्येंद्र जैन को गुरुवार 3 अगस्त को जमानत दी थी। उन्हें भी अदालत ने 2 लाख रुपये के मुचलके पर उन्हें जमानत दी थी। इस मामले में उन्हें एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने 18 अगस्त को गिरफ्तार किया था।

बता दें कि यह मामला मई 2024 में सतर्कता निदेशालय की शिकायत पर दर्ज किया गया था, इसमें दिल्ली जल बोर्ड के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांटों के डेवलपमेंट और अपग्रेडेशन से संबंधित निविदा प्रक्रिया में कथित तौर पर बड़े पैमाने पर अनियमितताओं, निविदा शर्तों में हेरफेर और आपराधिक साजिश का आरोप लगाया गया था।

कोर्ट ने दिल्ली सरकार की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) को फटकार भी लगाई। कोर्ट ने कहा कि 'जांच के आखिरी दौर में, बिना किसी ठोस वजह या हालात में किसी बदलाव के बिना अचानक गिरफ्तारी करने से आलोचना हो सकती है कि यह मनमाना कदम है।' बता दें कि AAP नेता सत्येंद्र जैन को इस मामले में 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भी भेजा गया था।

कोर्ट ने कहा कि अगर रिकॉर्ड पर मौजूद बयानों और दूसरे सबूतों पर ध्यान दिया जाए, तो भी सुनवाई के दौरान ही सत्येंद्र जैन की मिलीभगत साबित करनी होगी। दोषी पाए जाने पर उन्हें सजा हो सकती है। कोर्ट ने कहा कि अब तक जो सबूत मिले हैं, वे आवेदक की जमानत नांजूर करने के लिए शुरुआती तौर पर काफी नहीं हैं।

ज्ञात हो कि ACB ने आरोप लगाया था कि टेंडर की शर्तों में फेरबदल की गई थी। टेंडर प्रक्रिया को जानबूझकर टेक्नोलॉजी केंद्रित किया गया था, ताकि यूरोटेक एनवायर्नमेंटल को फायदा पहुंचाया जा सके।

Gaurav Srivastav
गौरव श्रीवास्तवauthor

टीवी न्यूज रिपोर्टिंग में 10 साल पत्रकारिता का अनुभव है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट से लेकर कानूनी दांव पेंच से जुड़ी हर खबर आपको इस जगह मिलेगी। साथ ही चुनाव आयोग, विपक्ष के राजनीतिक घटनाक्रम से लेकर हर जनहित मुद्दे पर मेरी नजर रहती है।

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