पेट्रोल-डीजल की बढ़ी हुई कीमतों और प्रदूषण की समस्या के बीच हाइब्रिड कार एक बेहतर और किफायती विकल्प बन कर उभर रही हैं। हाइब्रिड कार पारंपरिक इंजन और इलेक्ट्रिक तकनीक दोनों का इस्तेमाल करती हैं, जिससे माइलेज तो बेहतर होता ही है। साथ ही, ईंधन की खपत और प्रदूषण भी कम होता है।
क्या होती है हाइब्रिड कार
हाइब्रिड यानी एक ऐसी कार जिसमें दो पावर सोर्स इंटरनल कंबशन इंजन (पेट्रोल या डीजल) और इलेक्ट्रिक मोटर व बैटरी होती है। दोनों सिस्टम कार की जरूरत के हिसाब से मिलकर या अलग-अलग काम कर सकते हैं। बेहतर परफॉर्मेंस और फ्यूल एफिशिएंसी बढ़ाने के लिए हाइब्रिड कार का इस्तेमाल किया जा सकता है। हाइब्रिड कार माइल्ड हाइब्रिड, स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड और प्लग-इन हाइब्रिड तीन प्रकार की होती हैं। माइल्ड हाइब्रिड में इलेक्ट्रिक मोटर केवल इंजन को सपोर्ट करती है। स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड में कार पूरी तरह इलेक्ट्रिक मोड में भी चल सकती है। प्लग-इन हाइब्रिड को एक्सटर्नल चार्जर से चार्ज किया जा सकता है।
कैसे काम करती है हाइब्रिड कार
हाइब्रिड कार धीमी गति या ट्रैफिक की स्थिति में चलने के दौरान इलेक्ट्रिक मोटर पर चलती है। इससे ईंधन की बचत होती है साथ ही, कार से किसी तरह की आवाज भी नहीं आती। यह पूरी तरह से साइलेंट होती है। वहीं, जैसे ही कार रफ्तार पकड़ती है और ज्यादा पावर की जरूरत होती है तब कार का पेट्रोल या डीजल इंजन एक्टिव हो जाता है। कई स्थितियों में इंजन और मोटर दोनों एक साथ काम करते हैं। इससे स्मूथ और पावरफुल ड्राइव मिलती है।
रीजेनेरेटिव ब्रेकिंग एक खास तकनीक
हाइब्रिड कार की एक खास तकनीक रीजेनेरेटिव ब्रेकिंग होती है। जब भी कार चालक ब्रेक लगाता है तब इससे निकलने वाली ऊर्जा बेकार न होकर बैटरी को चार्ज करने का काम करती है। इससे फायदा यह होता है कि बैटरी को बार-बार चार्ज करने की जरूरत नहीं पड़ती और माइलेज बढ़ता है।
किन लोगों को खरीदनी चाहिए हाइब्रिड कार
अगर आप एक ऐसी कार चाहते हैं, जिसमें फ्यूल सेविंग, पर्यावरण संरक्षण और मॉडर्न टेक्नोलॉजी का बैलेंस हो तो आपके लिए हाइब्रिड कार एक अच्छा विकल्प हो सकता है।
