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गलत टायर साइज पड़ सकता है भारी! 16, 17 या 18 इंच के फायदे और नुकसान समझें

लोग गाड़ी तो खरीद लेते हैं और उसके बाद मॉडिफाई करवा लेते हैं। यहां तक कि बड़े टायर भी लगवा लेते हैं लेकिन इसके नुकसान नहीं जानते हैं। आज हम आपको टायर के 6, 17 या 18 इंच के टायर के फायदे और नुकसान बताएंगे।

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गलत टायर साइज पड़ सकता है भारी

कार खरीदते समय ज्यादातर लोग इंजन, माइलेज और फीचर्स पर ध्यान देते हैं, लेकिन टायर का सही साइज भी उतना ही अहम होता है। कई लोग बेहतर लुक या स्पोर्टी डिजाइन के लिए बड़े टायर लगवा लेते हैं, जबकि कुछ लोग कम खर्च के लिए छोटे टायर चुनते हैं। एक्सपर्ट का मानना है कि गलत टायर साइज न केवल गाड़ी की परफॉर्मेंस को प्रभावित करता है, बल्कि माइलेज, आराम, ब्रेकिंग और सुरक्षा पर भी असर डाल सकता है। ऐसे में 16, 17 और 18 इंच के टायरों के फायदे और नुकसान समझना जरूरी है।

16 इंच के टायर: बेहतर माइलेज और आराम

16 इंच के टायर आमतौर पर हैचबैक, कॉम्पैक्ट SUV और मिड-साइज सेडान में देखने को मिलते हैं। इनका सबसे बड़ा फायदा बेहतर माइलेज और आरामदायक ड्राइविंग है। ऊंची साइडवॉल होने की वजह से ये सड़क के गड्ढों और झटकों को बेहतर तरीके से सोख लेते हैं। साथ ही इनकी कीमत भी अपेक्षाकृत कम होती है और रिप्लेसमेंट पर ज्यादा खर्च नहीं आता, हालांकि तेज रफ्तार पर कॉर्नरिंग और हैंडलिंग के मामले में ये बड़े टायरों से थोड़ा पीछे रह सकते हैं।

17 इंच के टायर: परफॉर्मेंस और कम्फर्ट का संतुलन

17 इंच के टायर आजकल कई प्रीमियम SUV और सेडान में स्टैंडर्ड रूप से दिए जा रहे हैं। ये ड्राइविंग कम्फर्ट और बेहतर हैंडलिंग के बीच अच्छा संतुलन बनाते हैं। इनकी ग्रिप बेहतर होती है, जिससे हाईवे पर गाड़ी ज्यादा स्थिर महसूस होती है, हालांकि 16 इंच की तुलना में इनकी कीमत थोड़ी अधिक होती है और माइलेज में मामूली कमी आ सकती है।

18 इंच के टायर: शानदार लुक, लेकिन बढ़ सकता है खर्च

18 इंच के टायर गाड़ी को स्पोर्टी और प्रीमियम लुक देते हैं। इनकी चौड़ाई अधिक होने के कारण सड़क पर ग्रिप और हाई-स्पीड स्टेबिलिटी बेहतर मिलती है। यही वजह है कि कई लग्जरी कारों और हाई-परफॉर्मेंस SUV में इनका इस्तेमाल किया जाता है।

हालांकि, बड़े टायरों की कुछ कमियां भी हैं। इनसे माइलेज पर असर पड़ सकता है, सस्पेंशन थोड़ा सख्त महसूस हो सकता है और खराब सड़कों पर झटके ज्यादा लगते हैं। इसके अलावा इनकी कीमत और मेंटेनेंस का खर्च भी अधिक होता है।

क्या मनमर्जी से बदल सकते हैं टायर का साइज?

ऑटोमोबाइल जानकारों के अनुसार, वाहन निर्माता जिस टायर साइज की सिफारिश करता है, उसी का इस्तेमाल करना सबसे सुरक्षित माना जाता है। बिना तकनीकी सलाह के बहुत बड़ा या बहुत छोटा टायर लगाने से स्पीडोमीटर की रीडिंग प्रभावित हो सकती है, ब्रेकिंग दूरी बढ़ सकती है और सस्पेंशन पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। कुछ मामलों में इससे वारंटी और इंश्योरेंस क्लेम पर भी असर पड़ सकता है।

किसके लिए कौन-सा टायर रहेगा बेहतर?

अगर आपकी प्राथमिकता बेहतर माइलेज, कम खर्च और आरामदायक सफर है तो 16 इंच का टायर अच्छा विकल्प हो सकता है। वहीं, जो लोग रोजाना हाईवे पर सफर करते हैं और बेहतर हैंडलिंग चाहते हैं, उनके लिए 17 इंच का टायर संतुलित विकल्प माना जाता है। दूसरी ओर, यदि आप प्रीमियम लुक, स्पोर्टी ड्राइविंग और बेहतर हाई-स्पीड ग्रिप चाहते हैं तथा अतिरिक्त खर्च उठाने के लिए तैयार हैं, तो 18 इंच के टायर आपके लिए परफेक्ट हो सकते हैं।

Pradeep Pandey
प्रदीप पाण्डेय author

प्रदीप पाण्डेय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट पर कंटेंट तैयार करते हैं। डिजिटल मीडिया में 10 वर्षों के अनुभव के साथ प्रदीप तकनीक की दुनिय... और देखें

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