शहर

Badrinath: CCTV में दिखी कर्मचारी की संदिग्ध हरकत; बद्रीनाथ धाम चढ़ावा चोरी मामले में SIT ने तेज की जांच

Badrinath News: बद्रीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के चढ़ावे की चोरी मामले में एसआईटी (SIT) की जांच तेज हो गई है। पुलिस ने CCTV फुटेज और कॉल डिटेल्स खंगालनी शुरू कर दी है, जिसमें निलंबित कर्मचारी पर गंभीर आरोप लगे हैं।

Image

बद्रीनाथ चढ़ावा चोरी के आरोपों पर जांच करने पहुंची SIT

Photo : ANI

Badrinath Donation Row: उत्तराखंड के प्रसिद्ध विश्व प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान-पुण्य और चढ़ावे में हेराफेरी के आरोपों की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने शनिवार को अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। एसआईटी की टीम ने शनिवार को मुख्य धाम का दौरा किया और मामले से जुड़े नए वैज्ञानिक व डिजिटल साक्ष्यों को अपने कब्जे में लिया है। इस जांच के दायरे में मंदिर के CCTV फुटेज और मुख्य आरोपी के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) शामिल हैं।

उत्तराखंड पुलिस के मुताबिक, बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के निलंबित कर्मचारी और मुख्य आरोपी प्रमोद नौटियाल के खिलाफ कई ऐसे चौंकाने वाले सुराग हाथ लगे हैं, जो सीधे तौर पर वित्तीय अनियमितता की ओर इशारा करते हैं।

CCTV फुटेज में दिखी संदिग्ध गतिविधियां: पुलिस का दावा

उत्तराखंड पुलिस ने सीसीटीवी की जांच के आधार पर आरोपी की पूरी कार्यप्रणाली का खुलासा किया है। पुलिस का दावा है कि 2 जुलाई को मंदिर के दानपात्र की गिनती के दौरान आरोपी प्रमोद नौटियाल को 500 और 100 के नोटों की गड्डियों के साथ-साथ सोने-चांदी के सिक्के, शालिग्राम पत्थर और चढ़ावे के लिफाफे संदिग्ध रूप से छिपाते या चुराते देखा गया है। चोरी की गई इस रकम का शुरुआती अनुमान लगभग 10,000 से 12,000 रुपये के बीच लगाया गया है।

फुटेज के विश्लेषण से पता चला है कि नोटों की गिनती के दौरान आरोपी बार-बार अपने केबिन और काउंटिंग रूम के बीच 2 से 3 बार चक्कर काट रहा था।

इस खुलासे के बाद, SIT ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए 2 जुलाई के अलावा 25 जून और 29 जून के CCTV फुटेज को भी स्कैन करना शुरू कर दिया है। इसके साथ ही आरोपी के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल्स की भी स्क्रूटनी की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस खेल में उसके साथ कोई और भी शामिल था या नहीं।

मंदिर समिति के अधिकारियों के बयान दर्ज

इस सनसनीखेज मामले की शुरुआत 2 जुलाई को बदरीनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे की गिनती के दौरान पकड़ी गई अनियमितताओं के बाद हुई थी। जिसके बाद BKTC के प्रभारी मंदिर अधिकारी युद्धवीर पुष्पवान की लिखित शिकायत पर बदरीनाथ थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था।

SIT ने शनिवार को शिकायतकर्ता युद्धवीर पुष्पवान का विस्तृत बयान रिकॉर्ड किया। इसके अलावा, काउंटिंग के वक्त मौजूद रहे BKTC के अन्य अधिकारियों, CCTV कंट्रोल रूम के प्रभारी पंवार और हरेंद्र कोठारी के भी बयान दर्ज किए गए हैं ताकि मामले की कड़ियों को आपस में जोड़ा जा सके।

निलंबन और FIR के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचा आरोपी

दूसरी ओर, विभाग द्वारा निलंबित किए जाने और पुलिस केस दर्ज होने के बाद आरोपी प्रमोद नौटियाल ने राहत के लिए उत्तराखंड उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की एकल पीठ के समक्ष इस मामले की सुनवाई हुई, जिसमें अदालत ने बीकेटीसी (BKTC) को इस पूरे घटनाक्रम पर अपना पक्ष स्पष्ट करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई अब 16 जुलाई को तय की गई है।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारी author

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृ... और देखें

End of Article