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विदेशों में खूब पंसद की जा रही भारत की ये गाड़ियां, यहां देखें टॉप-10 की लिस्ट

भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के लिए 'मेक इन इंडिया' का सपना अब हकीकत बनता दिख रहा है। भारतीय सड़कों पर धूम मचाने के बाद, अब भारत में बनी कारें सात समंदर पार विदेशी बाजारों में भी अपना जलवा बिखेर रही हैं। जनवरी 2026 के ताजा आंकड़ों के अनुसार, मारुति सुजुकी और हुंडई जैसी कंपनियों ने निर्यात के मामले में नए रिकॉर्ड बनाए हैं।

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Top 10 Car Exports Jan 2026

भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए साल 2026 की शुरुआत शानदार रही है। घरेलू बिक्री के साथ-साथ 'मेड इन इंडिया' कारों की मांग विदेशी बाजारों में भी तेजी से बढ़ रही है। जनवरी 2026 के ताजा आंकड़े बताते हैं कि भारत अब दुनिया के लिए एक प्रमुख कार एक्सपोर्ट हब बन चुका है। इस महीने टॉप 10 कारों की एक्सपोर्ट लिस्ट में मारुति सुजुकी, हुंडई और किआ जैसी कंपनियों ने अपना दबदबा कायम रखा है। खासतौर पर मारुति की फ्रोंक्स (Fronx) और जिम्नी (Jimny) जैसी गाड़ियों ने ग्लोबल मार्केट में अपनी नई पहचान बनाई है।

मारुति सुजुकी का एकतरफा दबदबा

जनवरी 2026 में एक्सपोर्ट के मामले में मारुति सुजुकी सबसे आगे रही। मारुति की फ्रोंक्स (Fronx) ने निर्यात की लिस्ट में टॉप स्थान हासिल किया है। अपनी स्पोर्टी लुक और किफायती इंजन के कारण यह एसयूवी गल्फ देशों और लैटिन अमेरिका में खूब पसंद की जा रही है। वहीं, ऑफ-रोडिंग के शौकीनों के लिए बनी मारुति जिम्नी (Jimny) ने भी शानदार प्रदर्शन किया। भारत में जिम्नी की घरेलू बिक्री भले ही धीमी रही हो, लेकिन विदेशी बाजारों में इसकी मांग इतनी अधिक है कि यह एक्सपोर्ट चार्ट में दूसरे स्थान पर पहुंच गई है। इसके अलावा मारुति की डिजायर, स्विफ्ट और बलेनो जैसी गाड़ियों ने भी वैश्विक स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी है।

हुंडई और किआ की दमदार मौजूदगी

एक्सपोर्ट की रेस में हुंडई मोटर इंडिया भी पीछे नहीं है। हुंडई वर्ना (Verna) और ग्रैंड i10 नियोस (i10) ने विदेशी बाजारों में मिड-साइज सेडान और हैचबैक सेगमेंट में जबरदस्त प्रदर्शन किया है। वर्ना को विशेष रूप से मिडिल ईस्ट के देशों में इसकी प्रीमियम फीचर्स और डिजाइन के लिए पसंद किया जा रहा है। वहीं, दक्षिण कोरियाई कंपनी किआ (Kia) की बात करें तो किआ सोनेट (Sonet) और सेल्टोस (Seltos) भारत से निर्यात होने वाली प्रमुख एसयूवी बनी हुई हैं। किआ के लिए भारत एक रणनीतिक एक्सपोर्ट केंद्र बन गया है, जहाँ से कंपनी कई देशों को गाड़ियां सप्लाई कर रही है।

निसान और फोक्सवैगन का सहारा बना एक्सपोर्ट

भारतीय बाजार में निसान की इकलौती गाड़ी निसान मैग्नाइट (Magnite) को भले ही कड़ी टक्कर मिल रही हो, लेकिन निर्यात के मोर्चे पर इसने कंपनी की लाज बचा रखी है। जनवरी 2026 में मैग्नाइट भारत से निर्यात होने वाली टॉप 10 कारों में शामिल रही। इसी तरह, फोक्सवैगन और स्कोडा जैसी यूरोपीय कंपनियां भी भारत में बनी अपनी कारों (जैसे वर्टस और टाइगुन) को दक्षिण-पूर्व एशिया और अन्य उभरते बाजारों में बड़े पैमाने पर भेज रही हैं। 'मेक इन इंडिया' पहल के तहत इन कंपनियों ने अपनी उत्पादन लागत कम की है, जिससे ये गाड़ियां वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी बन गई हैं।

इलेक्ट्रिक कारों और नई एसयूवी की एंट्री

जनवरी 2026 की लिस्ट में एक और दिलचस्प बात यह रही कि भारत से अब eVitara जैसी इलेक्ट्रिक कारों का एक्सपोर्ट भी शुरू हो गया है। मारुति और टोयोटा के सहयोग से बनी ये इलेक्ट्रिक एसयूवी आने वाले समय में यूरोप और जापान जैसे विकसित बाजारों में भारत का नाम रौशन करने वाली हैं। इसके अलावा, महिंद्रा की एसयूवी रेंज ने भी दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में अपनी जगह बनानी शुरू कर दी है।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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