Independence Day: देश आज 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्रचार से 75 मिनट का संबोधन दिया। पीएम मोदी का ये लगातार 13वां स्वतंत्रता दिवस संबोधन था। गौरतलब है कि लाल किले पर हुए स्वतंत्रता दिवस समारोह में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और कांग्रेस नेता राहुल गांधा शामिल नहीं हुए। जानकारी के मुताबिक, दोनों नेताओं की ओर से समारोह में बैठने की व्यवस्था और तय प्रोटोकॉल को लेकर नाराजगी जताई गई।
दोनों नेताओं की नाराजगी समारोह में प्रोटोकॉल और सीटिंग अरेंजमेंट को लेकर थी। लाइनअप से लेकर बैठने की जगह तक कई चीजें उनके पद के मुताबिक तय नहीं थीं. इसी वजह से दोनों नेताओं ने कार्यक्रम से दूरी बना ली।
2024 में क्या हुआ था?
बता दें कि साल 2024 में भी लोकसभा में नेता विपक्ष को पहली कतार के बजाय पीछे की कतार में बैठाया गया था। विपक्ष ने इसे जनता का अपमान बताया था, जबकि रक्षा मंत्रालय का कहना था कि ओलंपिक खिलाड़ियों को जगह देने के लिए यह बदलाव किया गया। बता दें कि नियम के मुताबिक, ऐसे राष्ट्रीय कार्यक्रमों में नेता विपक्ष के लिए पहली कतार में सीट होने की उम्मीद होती है।
कांग्रेस दफ्तर में झंडा फहराने को लेकर विवाद
वहीं, दूसरी ओर दोनों नेताओं की मौजूदगी में कांग्रेस दफ्तर में झंडा फहराया गया। हालांकि, इस अवसर पर एक विवाद भी खड़ा हो गया। विवाद कांग्रेस दफ्तर में 'वंदे मातरम' गाए जाने को लेकर था। बीजेपी ने एक वीडियो शेयर कर कांग्रेस पर 'वंदे मातरम' का अपमान करने का आरोप लगाया। भाजपा का दावा है कि 'वंदे मातरम' गाए जाने के दौरान उसे बीच में रोकने की कोशिश हुई।
दरअसल, इस वीडियो में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस संसदीय दल की नेता सोनिया गांधी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सहित अन्य नेता उपस्थिति हैं। इन नेताओं की उपस्थिति में 'वंदे मातरम' का गायन होता है, तभी सोनिया गांधी कुछ इशारा और एक व्यक्ति से बात करते हुए नजर आती हैं।
कांग्रेस ने दी सफाई
बीजेपी द्वारा वीडियो जारी करने के बाद कांग्रेस नेता ने इस घटनाक्रम पर सफाई दी। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने मीडिया से बातचीत में कहा कि कांग्रेस दफ्तर में 'वंदे मातरम' का अपमान नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष खरगे काफी देर से खड़े थे, इस पर सोनिया गांधी को लगा कि इतनी देर तक उन्हें खड़ा नहीं होना चाहिए, इसलिए कांग्रेस अध्यक्ष के लिए वह कुर्सी मंगाना चाहती थीं जिसे खरगे ने मना कर दिया। खरगे ने कहा कि खड़े होने में उन्हें कोई दिक्कत नहीं है। 'वंदे मातरम' का गायन बीच में नहीं रोका गया।
