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कार में लगवानी है सनरूफ, जान लीजिये फायदे-नुकसान और खर्चा

कार में लगी सनरूफ कस्टमर्स को अपनी तरफ काफी आकर्षित करती है। ज्यादा से ज्यादा लोग कार खरीदते हुए अब सनरूफ का ऑप्शन भी खोजते हैं। वहीं बहुत से लोग ऐसे भी हैं जो बाहर से अपनी कार में सनरूफ लगवाते हैं। क्या आप भी अपनी कार में सनरूफ लगवाने के बारे में विचार कर रहे हैं? अगर हां, तो यह खबर आपके बहुत काम की हो सकती है।

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कार में लगवानी है सनरूफ, जान लीजिये फायदे-नुकसान और खर्चा

Photo : iStock

Sunroof In Car: दुनिया के एडवांस होने के साथ ही ऑटोमोबाइल क्षेत्र और कारें भी काफी तेजी से एडवांस हो रही हैं। सेफ्टी, एंटरटेनमेंट के साथ-साथ सनरूफ भी एक ऐसा फीचर है जो कस्टमर्स को अपनी तरफ काफी आकर्षित करता है। अब लोग कार खरीदते हुए सनरूफ का विकल्प भी खोजते हैं। दूसरी तरफ बहुत से लोग बाहर मार्केटों से भी अपनी कार में सनरूफ लगवाते हैं। आज हम आपको कार में मौजूद सनरूफ के फायदे और नुकसान के बारे में बताने जा रहे हैं और साथ ही हम यहां सनरूफ लगवाने में होने वाले खर्च के बारे में भी बतायेंगे।

कहां से लगवाएं कितना आयेगा खर्च

आप किसी भी कार मार्केट से सनरूफ लगवा सकते हैं। सनरूफ लगवाने के लिए आपको लगभग 20 हजार रुपये खर्च करने पड़ते हैं। इतना ही नहीं, आफ्टर मार्केट सनरूफ में बहुत से फीचर्स के लिए अतिरिक्त खर्चा भी करना पड़ता है और यह 1.5 लाख रुपये तक जा सकता है।

सनरूफ लगवाने के फायदे-नुकसान

अगर आप बाहर से कार में सनरूफ लगवाते हैं तो इसका सबसे बड़ा और इकलौता फायदा यही है कि आपको सिर्फ सनरूफ के लिए नई कार लेने का खर्च नहीं करना पड़ता। सनरूफ कार के सबसे फिजूल फीचर्स में से एक भी है जिसे लोग चाहते तो हैं लेकिन इसकी कोई खास जरूरत नहीं होती। नुकसान की बात करें तो इससे कार की छत की मजबूती कम होती है। साथ ही अगर सनरूफ सही से न लगाई जाए तो कार की छत में जंग भी लग सकता है। इतना ही नहीं, आफ्टर मार्केट सनरूफ लगवाने से कार की कीमत भी कम हो जाती है।

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पवन कुमार मिश्रा Timesnowhindi.com के साथ फरवरी 2024 से बतौर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में जुड़े हैं। जन्म दिल्ली में हुआ और शिक्षा भी यहीं से पूरी की है। कारों से खास प्रेम है और ऑटोमोबाइल जगत से संबंधित हर छोटी-बड़ी अपडेट पर अपनी नजर रखते हैं और लोगों को गाड़ियों से संबंधित आवश्यक जानकारी प्रदान करते हैं। इसके साथ ही लोगों की आम समस्याओं और समस्याओं के समाधान के बारे में यूटिलिटी सेक्शन में भी लिखते हैं। संगीत में काफी रूचि है और व्यस्त न होने पर गाने गुनगुनाते या सुनते हुए नजर आते हैं। घूमने का भी काफी शौक है और प्रकृति से काफी लगाव भी। रामजस कॉलेज से हिंदी साहित्य में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है और इससे पहले बिजनेसवर्ल्ड हिंदी में बतौर सब-एडिटर भी काम कर चुके हैं। पिछले 3.5 सालों से मीडिया इंडस्ट्री में मौजूद हैं।

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