2025 में इलेक्ट्रिक वाहनों की खुदरा बिक्री 7.7 प्रतिशत बढ़कर 2.81 करोड़ पहुंची: FADA
- Edited by: गौरव तिवारी
- Updated Jan 7, 2026, 11:41 PM IST
फाडा के अध्यक्ष सी एस विग्नेश्वर ने कहा कि वर्ष 2025 के आंकड़े यह साफ दिखाते हैं कि भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की प्रक्रिया अब शुरुआती चरण से आगे बढ़ चुकी है और हर श्रेणी में तेजी से विस्तार हो रहा है।
देश में तेजी से बढ़ी इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की डिमांड। (फोटो क्रेडिट- iStock)
देश में पिछले समय में इलेक्ट्रिक व्हीकर का मार्केट काफी तेजी से बढ़ा है। इलेक्ट्रिक गाड़ियों की डिमांड सिर्फ टू व्हीलर में ही नहीं बल्कि चार पहिया गाड़ियो में भी जमकर बढ़ी है। अब देश में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बिक्री को लेकर एक नई रिपोर्ट सामने आई है। देश में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की खुदरा बिक्री बीते वर्ष सालाना आधार पर 16.37 प्रतिशत बढ़कर 22,70,107 इकाई पर पहुंच गई। वाहन डीलरों के संगठन फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (फाडा) ने बुधवार को यह जानकारी दी। फाडा के अनुसार, वर्ष 2024 में इलेक्ट्रिक वाहनों की कुल बिक्री 19,50,727 इकाई थी।
आंकड़ों के मुताबिक, इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री 2025 में 77.04 प्रतिशत बढ़कर 1,76,817 इकाई हो गई, जबकि एक साल पहले यह 99,975 इकाई थी। इसी अवधि में इलेक्ट्रिक वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री भी 54.2 प्रतिशत बढ़कर 15,606 इकाई रही, जो पिछले वर्ष 10,123 इकाई थी।
दो पहिया वाहनों की बढ़ी बिक्री
फाडा के मुताबिक समीक्षाधीन वर्ष में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री 12,79,951 इकाई रही, जो पिछले वर्ष की तुलना में 11.36 प्रतिशत अधिक है। इसी तरह, इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहनों की खुदरा बिक्री 2025 में 15.39 प्रतिशत बढ़कर 7,97,733 इकाई हो गई, जबकि 2024 में यह 6,91,313 इकाई थी।
फाडा के अध्यक्ष सी एस विग्नेश्वर ने कहा कि वर्ष 2025 के आंकड़े यह साफ दिखाते हैं कि भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की प्रक्रिया अब शुरुआती चरण से आगे बढ़ चुकी है और हर श्रेणी में तेजी से विस्तार हो रहा है।
उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की हिस्सेदारी 6.3 प्रतिशत और इलेक्ट्रिक यात्री वाहनों की हिस्सेदारी बढ़कर करीब चार प्रतिशत हो गई है, जो पिछले वर्ष 2.4 प्रतिशत थी। विग्नेश्वर ने कहा कि तिपहिया वाहनों में सबसे बड़ा बदलाव देखने को मिला है, जहां इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी बढ़कर 60.9 प्रतिशत हो गई है। यह अंतिम छोर की परिवहन सेवाओं में ईवी की लागत प्रभावशीलता को दर्शाता है।
(इनपुट- भाषा)