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दिल्ली में सिर्फ बीएस6 और इलेक्ट्रिक वाहनों को अनुमति देने की मांग, प्रदूषण जानलेवा स्तर पर

  • Authored by: अंशुमन साकल्ले
  • Updated Nov 4, 2023, 07:03 PM IST

दिल्ली—एनसीआर और आस—पास के इलाकों में प्रदूषण जानलेवा स्तर पर बना हुआ है और जहरीली धुंध छाई हुई है। राज्य के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा है कि इस समय सिर्फ बीएस6 और इलेक्ट्रिक वाहनों को ही चलाने की अनुमति दी जाए।

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आने वाले दिनों में वायु गुणवत्ता में संभावित गिरावट को लेकर भी चिंता व्यक्त की।

Photo : BCCL
KEY HIGHLIGHTS
  • क्या बीएस6 और इलेक्ट्रिक कारें चलेंगी
  • दिल्ली में प्रदूषण जानलेवा स्तर पर पहुंचा
  • पहले से कई वाहनों पर लगाया प्रतिबंध

Vehicles Ban In Delhi-NCR: दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने शनिवार को केंद्र सरकार से वाहन जनित प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में केवल सीएनजी, इलेक्ट्रिक और बीएस-6 वाहनों को अनुमति देने का आग्रह किया। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव को लिखे पत्र में राय ने दीपावली और पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने के मद्देनजर आने वाले दिनों दिनों में वायु गुणवत्ता में संभावित गिरावट को लेकर भी चिंता व्यक्त की।

आपातकालीन बैठक की मांग

उन्होंने कहा, ‘‘इस मुद्दे के समाधान के लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) से जुड़े राज्यों के साथ आपातकालीन बैठक बुलाई जानी चाहिए।" केंद्र के वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के निर्देशों के अनुसार, एक नवंबर से दिल्ली और एनसीआर में आने वाले हरियाणा,उत्तर प्रदेश और राजस्थान के शहरों और कस्बों के बीच केवल इलेक्ट्रिक, सीएनजी और बीएस-6 डीजल बसों को संचालित करने की अनुमति है।

9—38 प्रतिशत प्रदूषण

राय ने सुझाव दिया कि केंद्र सरकार को पूरे एनसीआर क्षेत्र में बीएस-6 मानदंडों का अनुपालन नहीं करने वाले सभी वाहनों पर प्रतिबंध लगाना चाहिए। हाल के वर्षों में कई अध्ययनों से पता चला कि राजधानी में पीएम2.5 उत्सर्जन में सड़क पर चलने वाले वाहनों से निकलने वाले धुएं का योगदान नौ से 38 फीसदी तक है।

जानलेवा हुई जहरीली धुंध

राष्ट्रीय राजधानी में शनिवार को लगातार पांचवें दिन जहरीली धुंध छायी रही जिससे बच्चों और बुजुर्गों में सांस और आंख से जुड़ी समस्याओं के बढ़ने को लेकर डॉक्टर चिंतित हैं। तापमान में धीरे-धीरे गिरावट, प्रदूषण में सहायक शांत हवा की उपस्थिति और पंजाब तथा हरियाणा में कटाई के बाद धान की पराली जलाने की घटनाओं में वृद्धि के कारण पिछले सप्ताह दिल्ली-एनसीआर में हवा की गुणवत्ता खराब हो गई।

हवा का स्तर बहुत खराब

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक, 27 अक्टूबर से तीन नवंबर के बीच दिल्ली की वायु गुणवत्ता सूचकांक में 200 अंकों की वृद्धि हुई है, जिससे शुक्रवार को यह "अति गंभीर" श्रेणी (450 से अधिक) में पहुंच गया।

अंशुमन साकल्ले
अंशुमन साकल्लेauthor

अंशुमन साकल्ले जून 2022 से टाइम्स नाउ नवभारत (www.timesnowhindi.com/) में बतौर सीनियर स्पेशल करेस्पॉन्डेंट कार्यरत हैं। ये ईएमएमसी, दैनिक भास्कर, एनडीटीवी और जी न्यूज डिजिटल में काम करने के बाद संस्थान से जुड़े। इन्हें सभी मुख्य बीट्स पर काम करने का अनुभव है और ये 12 वर्ष से भी ज्यादा इसी पेशे में गुजार चुके हैं। एक्सपर्टीज की बात करें तो ऑटो और टेक से जुड़ी तमाम खबरों का जिम्मा यही संभाल रहे हैं। ऑन ग्राउंड रिपोर्ट हो या वीडियो या फिर गाड़ियों का रिव्यू, ये हमेशा अलग-अलग एंगल से खबरों को रोचक बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ते। भोपाल के रहने वाले अंशुमन बड़े घुमक्कड़ हैं और ये देश की लगभग सभी प्रचलित जगहों पर अपनी मौजूदगी दर्ज कर चुके हैं। एनडीटीवी से लेकर अब तक इन्होंने सिर्फ ऑटोमोबाइल जगत से जुड़ी खबरों पर ही काम किया है, हालांकि कोर बीट से इतर चुनाव, बजट या किसी भी बडे इवेंट पर इन्हें बड़ी और महत्वपूर्ण खबरों की जिम्मेदारी भी दी जाती है। इन सबके अलावा राजनीति में भी इन्हें खासी दिलचस्पी है, यही वजह है कि मध्यप्रदेश की पॉलिटिक्स को ये बहुत गहराई से जानते हैं।

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