फुकेत से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट (AI2379) में हवा में हुए भयानक हादसे की जांच अब केंद्र सरकार की एजेंसी विमान दुर्घटना अन्वेषण ब्यूरो (AAIB) करेगी। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच AAIB को सौंपने का फैसला किया है। इसके साथ ही फ्लाइट के मुख्य पायलट (Pilot-in-Command) के साइकोएक्टिव सब्सटेंस (डोप) टेस्ट की दूसरी कन्फर्मेटरी रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
आपको बता दें कि यह घटना 4 अगस्त 2026 की है, जब फुकेत से दिल्ली आ रहा एयर इंडिया का प्लेन हवा में अचानक 4 से 5 मिनट तक खतरनाक झटकों की चपेट में आ गया। इस दौरान प्लेन अचानक लगभग 300 फीट की ऊंचाई से नीचे गिर गया। विमान में कुल 137 यात्री और 8 क्रू मेंबर सवार थे। झटके इतने तेज थे कि 13 यात्री और 4 केबिन क्रू समेत कुल 17 लोग घायल हो गए। कई क्रू मेंबर्स की गर्दन और रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोटें आई हैं।
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नागरिक उड्डयन मंत्री क्या बोले?
नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने जानकारी दी कि घायल सभी 13 यात्रियों को इलाज के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है, जबकि 4 क्रू मेंबर्स अभी भी डॉक्टरों की देखरेख में हैं। मंत्री ने विपरीत परिस्थितियों में भी यात्रियों की देखभाल करने वाले केबिन क्रू के साहस की सराहना की।
पायलटों को रोस्टर से हटाया गया, डोप टेस्ट की जांच जारी
हादसे के बाद तय मानकों (SOP) के तहत दोनों पायलटों का डोप टेस्ट कराया गया था। इसमें मुख्य पायलट की शुरुआती रिपोर्ट में कुछ संदिग्ध तत्व पाए जाने के संकेत मिले, जिसके बाद सैंपल को अंतिम जांच के लिए विशेष लैब भेजा गया है।
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने जांच पूरी होने तक दोनों पायलटों को ड्यूटी से हटा दिया है। मंत्रालय ने साफ किया है कि विमानन सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और फाइनल रिपोर्ट आने के बाद सख्त कानूनी और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
