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EV खरीदारों की चांदी! सरकार ने बढ़ाई PM E-Drive योजना की डेडलाइन; जानिए कितनी होगी बचत

PM E-Drive EV Subsidy: इलेक्ट्रिक वाहन (EV) खरीदने की सोच रहे लोगों के लिए सरकार ने एक बड़ी खुशखबरी दी है। केंद्र ने PM E-Drive योजना को जुलाई 2026 तक विस्तार देने का फैसला किया है।

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PM E-Drive EV Subsidy जुलाई तक बढ़ी (Photo: iStock)

PM E-Drive EV Subsidy: इलेक्ट्रिक वाहन (EV) खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए PM E-Drive योजना को लेकर एक अच्छी खबर आई है। सरकार ने PM E-Drive (Prime Minister's Electric Drive Revolution in Innovative Vehicle Enhancement) योजना के तहत मिलने वाले लाभों को जुलाई 2026 तक बढ़ा दिया है। खासतौर पर इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों (Electric Two-Wheelers) पर मिलने वाली सब्सिडी जारी रहेगी, जिससे खरीदारों को आर्थिक फायदा मिलता रहेगा।

कितनी मिलती है सब्सिडी

इस योजना के तहत ग्राहकों को 2,500 प्रति kWh की दर से सब्सिडी मिलती है, जो अधिकतम 5,000 रुपए प्रति वाहन तक सीमित है। हालांकि यह राशि बहुत बड़ी नहीं है, लेकिन शुरुआती कीमत को थोड़ा कम जरूर कर देती है।

अगर कीमत की बात करें तो इस योजना का लाभ लेने के लिए इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की अधिकतम एक्स-फैक्ट्री कीमत 1.50 लाख रुपए तय की गई है। वहीं, इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर्स के लिए यह सीमा 2.50 लाख रुपए है। इसके अलावा, यह एक फंड-लिमिटेड योजना है, जिसका कुल बजट 10,900 करोड़ रुपए निर्धारित किया गया है। इस योजना को सितंबर 2024 में लॉन्च किया गया था।

इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर्स जैसे ई-रिक्शा के लिए यह योजना और लंबी अवधि 31 मार्च 2028 तक लागू रहेगी। इसका कारण यह है कि ये वाहन रोजमर्रा के व्यवसाय में इस्तेमाल होते हैं, जहां कम ऑपरेटिंग लागत ज्यादा महत्वपूर्ण होती है।

योजना की डेडलाइन क्यों बढ़ी

सरकार द्वारा इस योजना को बढ़ाने के पीछे मुख्य उद्देश्य बाजार में स्थिरता बनाए रखना है। अगर सब्सिडी अचानक खत्म हो जाती, तो कीमतों में उछाल आ सकता था, जिससे ग्राहकों की खरीदारी पर असर पड़ता। खासकर दोपहिया सेगमेंट में, जहां कुछ हजार रुपये भी निर्णय को प्रभावित करते हैं।

खरीदारों को क्या होगा फायदा

इस विस्तार का एक बड़ा फायदा यह है कि अब ग्राहकों पर जल्दी निर्णय लेने का दबाव नहीं रहेगा। वे आराम से अलग-अलग विकल्पों की तुलना कर सकते हैं और जरूरत पड़ने पर नए लॉन्च का इंतजार भी कर सकते हैं।

हालांकि, ध्यान रहे सब्सिडी इतनी अधिक नहीं है कि वही खरीद का मुख्य कारण बने। इसलिए ग्राहकों को अब बैटरी रेंज, चार्जिंग सुविधा, मेंटेनेंस लागत और रोजमर्रा की उपयोगिता जैसे पहलुओं पर ज्यादा ध्यान देना होगा। यानि कहा जा सकता है कि सब्सिडी को एक अतिरिक्त लाभ की तरह देखा जाना चाहिए न कि मुख्य आकर्षण। EV खरीदते समय समझदारी से फैसला लेना और जरूरत के अनुसार सही वाहन चुनना ही सबसे जरूरी है।

Shivani Kotnala
शिवानी कोटनाला author

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने ... और देखें

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