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Toyota ने इस शख्स को बेची थी डिफेक्टेड इनोवा, 12 साल केस लड़ने के बाद मिली बड़ी राहत

  • Authored by: अंशुमन साकल्ले
  • Updated Mar 13, 2024, 11:44 AM IST

Toyota Innova के एक ग्राहक को कंपनी 32 लाख रुपये से ज्यादा रकम चुकाने वाली है। 11 मार्च 2011 में खरीदी गई इनोवा का एक्सीडेंट होने पर अगले एयरबैग्स नहीं खुले थे, इसे लेकर ग्राहक 12 साल तक केस लड़ा। अब उन्हें बड़ा मुआवजा मिला है।

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टोयोटा किर्लोसकर मोटर्स और नंदी टोयोटा वर्ल्ड डीलरशिप को हर्जाना देने का आदेश दिया है।

KEY HIGHLIGHTS
  • टोयोटा इनोवा ग्राहक को बड़ा मुआवजा
  • 2011 में खरीदी कार निकली डिफेक्टिव
  • एनसीडीआरसी ने ठोका 32 लाख फाइन

नेशनल कंज्यूमर डिस्प्यूट रेड्रेसल कमिशन ने बड़ा फैसला सुनाते हुए टोयोटा ग्राहका को डिफेक्टेड इनोवा कार बेचने के लिए हर्जाना देने को कहा है। सुनील रेड्डी को बेची गई टोयोटा इनोवा दुर्घटनाग्रस्त हुई जिसमें इसके दोनों फ्रंट एयरबैग्स नहीं खुले। इसके खिलाफ मामला एनसीडीआरसी के सामने पहुंचा, इस कमिशन ने टोयोटा किर्लोसकर मोटर्स और नंदी टोयोटा वर्ल्ड डीलरशिप को हर्जाना देने का आदेश दिया है। एनसीडीआरसी ने कहा कि या तो ग्राहकों को 9 प्रतिशत ब्याज के साथ 15 लाख रुपये दिए जाएं, या फिर उन्हें नई टोयोटा इनोवा कार दी जाए।

12 साल से लड़ रहे केस

सुनील रेड्डी 12 साल से ये केस लड़ रहे थे, इन्होंने 11 मार्च 2011 को नई टोयोटा इनोवा का वीएक्स डीजल 7-सीटर मॉडल खरीदा था। 16 अगस्त 2011 को एक ऑटो रिक्शा से टकरा जाने के बाद उनकी गाड़ी के एयरबैग्स नहीं खुले, उन्होंने अपनी कार नंदी टोयोटा वर्ल्ड डीलरशिप पर दी जहां से इसे खरीदा गया था। इस कार में रिपेयरिंग और अनुमानित खर्च की जानकारी दिए बिना कंपनी ने इसका रिपेयर शुरू कर दिया। न्याय पाने के लिए रेड्डी ने कंपनी को लीगल नोटिस भेजा और कोई जवाब ना मिलने के बाद वो जिला उपभोक्ता फोरम पहुंचे।

मिलेंगे 32 लाख रुपये

एनसीडीआरसी ने कंपनी को इस दुर्घटना और डिफेक्टेड प्रोडक्ट ग्राहक को बेचने का दोषी पाया है और इन्हें सुनील रेड्डी को हर्जाना चुकाने के आदेश दिए हैं। यहां अगर टोयोटा इसके मामले में रेड्डी को हर्जाना भरने का फैसला लेती है, तो कंपनी को करीब 32,07,506 रुपये देने होंगे। इसमें 15,09,415 रुपये पर 9 प्रतिशत ब्याज करीब 12.5 साल के लिए जोड़ा गया है। ये रकम करीब 17 लाख रुपये होती है और अगर मूल राशि के साथ ब्याज जोड़ दें तो यहां सुनील रेड्डी को कुल 32 लाख रुपये से भी ज्यादा राशि मिलने वाली है।

अंशुमन साकल्ले
अंशुमन साकल्लेauthor

अंशुमन साकल्ले जून 2022 से टाइम्स नाउ नवभारत (www.timesnowhindi.com/) में बतौर सीनियर स्पेशल करेस्पॉन्डेंट कार्यरत हैं। ये ईएमएमसी, दैनिक भास्कर, एनडीटीवी और जी न्यूज डिजिटल में काम करने के बाद संस्थान से जुड़े। इन्हें सभी मुख्य बीट्स पर काम करने का अनुभव है और ये 12 वर्ष से भी ज्यादा इसी पेशे में गुजार चुके हैं। एक्सपर्टीज की बात करें तो ऑटो और टेक से जुड़ी तमाम खबरों का जिम्मा यही संभाल रहे हैं। ऑन ग्राउंड रिपोर्ट हो या वीडियो या फिर गाड़ियों का रिव्यू, ये हमेशा अलग-अलग एंगल से खबरों को रोचक बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ते। भोपाल के रहने वाले अंशुमन बड़े घुमक्कड़ हैं और ये देश की लगभग सभी प्रचलित जगहों पर अपनी मौजूदगी दर्ज कर चुके हैं। एनडीटीवी से लेकर अब तक इन्होंने सिर्फ ऑटोमोबाइल जगत से जुड़ी खबरों पर ही काम किया है, हालांकि कोर बीट से इतर चुनाव, बजट या किसी भी बडे इवेंट पर इन्हें बड़ी और महत्वपूर्ण खबरों की जिम्मेदारी भी दी जाती है। इन सबके अलावा राजनीति में भी इन्हें खासी दिलचस्पी है, यही वजह है कि मध्यप्रदेश की पॉलिटिक्स को ये बहुत गहराई से जानते हैं।

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